केंद्र सरकार शेयरों से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स की समीक्षा कर रही है। आने वाले हफ्तों में फैसला संभव है। विदेशी निवेशकों के लिए डॉलर में मुनाफे की गणना करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
बिजनेस न्यूज़: शेयर बाजार में निवेश करने वालों को आने वाले दिनों में टैक्स से जुड़ी राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार इक्विटी निवेश से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर लगने वाले टैक्स के ढांचे की समीक्षा कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में अगले कुछ हफ्तों में फैसला लिया जा सकता है।
सरकार भारतीय शेयर बाजार को विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाने के उपाय तलाश रही है। हालांकि, टैक्स दरों में बदलाव को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बजट से पहले LTCG टैक्स पर फैसला ले सकती है सरकार
शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मनीकंट्रोल की 26 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार इक्विटी पर लगने वाले LTCG टैक्स में बदलाव के प्रस्तावों पर विचार कर रही है। रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले सरकारी और बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि आगामी केंद्रीय बजट से पहले इस मुद्दे पर फैसला संभव है।
सरकार भारत में लागू टैक्स दरों की तुलना दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से कर रही है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वालों पर कितना टैक्स बोझ पड़ रहा है और इसका विदेशी पूंजी पर क्या असर हो रहा है। फिलहाल प्रस्तावों पर विचार जारी है। टैक्स घटाने या पूरी तरह समाप्त करने का कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
अभी शेयरों से होने वाली कमाई पर कितना टैक्स लगता है?
अभी के नियमों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति शेयर बाजार में लिस्टेड शेयर खरीदकर एक साल से ज्यादा समय बाद बेचता है और उसे फायदा होता है, तो उस कमाई को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) कहा जाता है। ऐसे शेयरों और कुछ इक्विटी म्यूचुअल फंड से एक वित्त वर्ष में कुल 1.25 लाख रुपये तक का मुनाफा होने पर LTCG टैक्स नहीं देना पड़ता। इससे ज्यादा कमाई होने पर 12.5 फीसदी टैक्स लगता है।
मान लीजिए, किसी व्यक्ति ने शेयर बेचकर एक साल में दो लाख रुपये का लॉन्ग टर्म मुनाफा कमाया। इसमें से 1.25 लाख रुपये पर टैक्स नहीं लगेगा। बाकी बचे 75 हजार रुपये पर 12.5 फीसदी के हिसाब से 9,375 रुपये टैक्स देना होगा। इसके अलावा सेस और लागू होने पर सरचार्ज भी देना पड़ सकता है।हालांकि, शेयर बाजार में लिस्ट नहीं होने वाली कंपनियों के शेयरों पर 1.25 लाख रुपये की यह छूट नहीं मिलती। ऐसे शेयरों को आमतौर पर 24 महीने से ज्यादा समय तक रखने के बाद बेचने पर होने वाला फायदा लॉन्ग टर्म मुनाफा माना जाता है।
साल 2024 में सरकार ने बढ़ाया था LTCG टैक्स
केंद्र सरकार ने जुलाई 2024 के बजट में शेयरों से होने वाले लॉन्ग टर्म मुनाफे पर टैक्स बढ़ाया था। पहले इस कमाई पर 10 फीसदी टैक्स लगता था, जिसे बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया गया। हालांकि, सरकार ने टैक्स से छूट मिलने वाली रकम भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये कर दी थी। इसके साथ ही ज्यादातर संपत्तियों पर मिलने वाला इंडेक्सेशन का फायदा भी खत्म कर दिया गया था।
आसान भाषा में समझें तो इंडेक्सेशन के जरिए किसी संपत्ति की पुरानी खरीद कीमत को महंगाई के हिसाब से बढ़ाकर गिना जाता था। इससे कागजों पर मुनाफा कम दिखाई देता था और टैक्स भी कम देना पड़ सकता था। अब सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि मौजूदा टैक्स नियमों में बदलाव की जरूरत है या नहीं।
विदेशी निवेशकों का मुनाफा डॉलर में गिनने पर भी चर्चा
सरकार विदेशी निवेशकों के लिए भी कैपिटल गेन्स टैक्स के नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है। अभी विदेशी निवेशक भारत में शेयर बेचते हैं, तो उनका मुनाफा रुपये में गिना जाता है। सूत्रों के मुताबिक, अब इस बात पर चर्चा हो रही है कि उनकी कमाई का हिसाब डॉलर में लगाया जाए या नहीं।दरअसल, विदेशी निवेशकों को भारत में निवेश करने के बाद अपनी कमाई डॉलर में भी देखनी पड़ती है। कई बार शेयर बेचने पर रुपये में अच्छा फायदा होता है, लेकिन जब उस रकम को डॉलर में बदलते हैं, तो मुनाफा कम रह जाता है।
ऐसा रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले गिरने से हो सकता है। इसी वजह से विदेशी निवेशकों के असली मुनाफे को ध्यान में रखकर टैक्स लगाने का सुझाव सामने आया है। हालांकि, अभी इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
LTCG टैक्स को लेकर वित्त मंत्री ने क्या कहा था?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुए ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कैपिटल गेन्स टैक्स को लेकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि देश और विदेश के निवेशकों की तरफ से सरकार को टैक्स नियमों में बदलाव के सुझाव मिल रहे हैं। वित्त मंत्री ने शेयर खरीदने और बेचने पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और अलग-अलग तरह के निवेश पर लगने वाले टैक्स को लेकर भी चर्चा की बात कही थी।
हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा था कि सरकार LTCG टैक्स जरूर घटाएगी या इसमें कोई खास बदलाव करेगी। फिलहाल इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है। टैक्स के नियम बदलेंगे या पहले जैसे ही रहेंगे, यह सरकार के आधिकारिक फैसले के बाद ही साफ होगा।










