चांदी पर लोन की मंजूरी: RBI ने तय की नई गाइडलाइन, 1 अप्रैल 2026 से लागू

RBI ने Silver Loan की अनुमति दी। 1 अप्रैल 2026 से चांदी गिरवी रखकर कैश ले सकेंगे। लोन राशि, LTV, प्रक्रिया और सुरक्षा की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

RBI ने Silver Loan की गाइडलाइन जारी की। 1 अप्रैल 2026 से बैंक, NBFC और को-ऑपरेटिव बैंक चांदी पर लोन देंगे। 10 किलो तक Silver Jewellery, 500 ग्राम तक Silver Coin पर लोन मिलेगा। लोन LTV और प्रक्रिया तय हैं।

RBI Silver Loan: भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा फैसला लेते हुए अब चांदी पर भी लोन देने की अनुमति दे दी है। जैसे गोल्ड लोन मिलता है, वैसे ही लोग अब Silver Loan भी ले सकेंगे। इसके लिए RBI ने Gold and Silver (Loans) Directions, 2025 जारी कर दिए हैं जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। यह फैसला खासकर ग्रामीण और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है क्योंकि कई परिवारों के पास चांदी प्रमुख संपत्ति के रूप में रहती है।

कौन देगा Silver Loan

नई गाइडलाइन के अनुसार अब कई वित्तीय संस्थान सिल्वर लोन उपलब्ध कराएंगे। इनमें शामिल हैं

कॉमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, रीजनल रूरल बैंक, अर्बन और रूरल को-ऑपरेटिव बैंक, साथ ही NBFCs और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां। यानी अब बड़ी संख्या में लोग आसानी से चांदी गिरवी रखकर कैश ले सकेंगे।

किन चीजों पर मिलेगा लोन

नई नीति में साफ बताया गया है कि कौन-कौन से आइटम लोन के लिए योग्य होंगे।

  • Gold Jewellery पर अधिकतम 1 किलो तक,
  • Silver Jewellery पर अधिकतम 10 किलो तक,
  • Gold Coin पर 50 ग्राम तक,
  • Silver Coin पर 500 ग्राम तक लोन मिलेगा।

हालांकि बुलियन यानी शुद्ध सोना, शुद्ध चांदी, गोल्ड ETF या म्यूचुअल फंड पर लोन नहीं दिया जाएगा।

कितना मिलेगा लोन — Loan-to-Value Ratio

लोन की राशि आपके गहनों की कीमत के हिसाब से तय होगी।

  • 2.5 लाख रुपये तक के लोन पर 85% तक,
  • 2.5 लाख से 5 लाख के लोन पर 80% तक,
  • 5 लाख रुपये से ऊपर के लोन पर 75% तक लोन मिलेगा।

उदाहरण के तौर पर, अगर आपके पास 1 लाख रुपये की चांदी है तो आपको 85 हजार रुपये तक का लोन मिल सकता है।

कीमत कैसे तय होगी

बैंक या NBFC पिछले 30 दिनों की औसत क्लोजिंग प्राइस या पिछले दिन की कीमत (जो कम हो) को मानक मानेंगे। कीमतें IBJA या मान्यता प्राप्त कमोडिटी एक्सचेंज से ली जाएंगी ताकि मूल्यांकन पारदर्शी रहे।

लोन प्रक्रिया और सुरक्षा

गहनों का मूल्यांकन ग्राहक की मौजूदगी में होगा। सभी दस्तावेज ग्राहक की स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराए जाएंगे। गिरवी रखे गए गहने बैंक के सुरक्षित वॉल्ट में रखे जाएंगे और नियमित जांच भी की जाएगी।

लोन चुकाने के बाद गहनों की वापसी

RBI ने स्पष्ट किया है कि लोन चुकाने के 7 कार्य दिवस के भीतर बैंक को गहने वापस करने होंगे। अगर देरी बैंक की गलती से होती है तो बैंक को प्रतिदिन 5,000 रुपये मुआवजा देना होगा।

अगर ग्राहक समय पर लोन नहीं चुकाता तो बैंक नोटिस भेजेगा। एक महीने बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। नीलामी का रिजर्व प्राइस बाजार भाव के 90% से कम नहीं होगा और दो बार नीलामी असफल होने पर इसे 85% तक कम किया जा सकता है।

अगर ग्राहक लोन चुकाने के बाद 2 साल तक गहने नहीं लेता, तो बैंक उसे ‘अनक्लेम्ड कॉलैटरल’ घोषित करेगा और ग्राहक या उसके वारिसों से संपर्क के लिए विशेष अभियान चलाएगा।

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