पंजाब कांग्रेस मंगलवार को चंडीगढ़ में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। सचिन पायलट के नेतृत्व में प्रस्तावित मार्च के चलते शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में मंगलवार को चंडीगढ़ में सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जा रहा है। सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास तक प्रस्तावित मार्च को देखते हुए शहर में 5000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रदर्शन के कारण सेक्टर-15 और आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस का मार्च
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट मंगलवार को पहली बार पंजाब पहुंच रहे हैं। उनके आगमन के साथ ही पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। प्रदेशभर से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं।

प्रस्तावित मार्च सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर निकाला जाना है। कांग्रेस गुलजार सिंह मामले को लेकर हरपाल सिंह चीमा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने, उनकी गिरफ्तारी और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रही है।
पार्टी इस प्रदर्शन को सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान को तेज करने के तौर पर भी देख रही है। प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रताप सिंह बाजवा समेत कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
सेक्टर-15 में चार से पांच स्तर की सुरक्षा
बड़े प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन स्थल और मार्च के संभावित रास्ते पर पुलिस ने चार से पांच स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की है। पंजाब कांग्रेस भवन से करीब एक किलोमीटर पहले ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
चंडीगढ़ पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन समेत अन्य इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने के कारण सेक्टर-15 और आसपास के इलाकों में यातायात पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है।
8 सितंबर को भी कांग्रेस ने किया था प्रदर्शन
कांग्रेस इससे पहले 8 सितंबर को भी चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है। उस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग समेत 150 से अधिक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।
मंगलवार का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नए पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में पार्टी के कई प्रमुख नेता एक मंच पर नजर आ सकते हैं। इससे कांग्रेस के भीतर राजनीतिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने के संकेत हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन
कांग्रेस के इस प्रदर्शन को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पार्टी सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों को लेकर अपना अभियान तेज करने की कोशिश कर रही है।
सचिन पायलट के नेतृत्व में होने वाला यह प्रदर्शन पंजाब कांग्रेस की एकजुटता और संगठनात्मक ताकत दिखाने का मौका भी माना जा रहा है। इसमें प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सरकार से हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई, गिरफ्तारी और गुलजार सिंह मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को प्रमुखता से उठाएगी। वहीं, भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस और प्रशासन की नजर प्रस्तावित मार्च की गतिविधियों पर बनी हुई है।











