चौमूं में अतिक्रमण हटाने को लेकर हुआ विवाद हिंसा में बदल गया। पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद प्रशासन सख्त हुआ। सीएम के निर्देश पर ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू किया गया है। क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
Jaipur: राजधानी जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर चौमूं कस्बे में यह विवाद बस स्टैंड के पास स्थित कलंदरी मस्जिद के बाहर सड़क पर अतिक्रमण को लेकर शुरू हुआ। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना था कि मस्जिद के बाहर सड़क किनारे रखे पत्थर और प्रस्तावित लोहे की रेलिंग से सड़क संकरी हो रही थी, जिससे रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही थी।
शिकायतों के बाद कुछ दिन पहले पत्थरों को हटाया गया था, लेकिन बाद में फिर से रेलिंग लगाने की कोशिश की गई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ता चला गया। प्रशासन की ओर से जब देर रात पुलिस टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो माहौल अचानक बिगड़ गया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा
पुलिस के अतिक्रमण हटाने के प्रयास के दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जो जल्द ही पत्थरबाजी में बदल गया। भीड़ ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसमें 6 से 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें से अधिकतर को सिर में चोटें आईं।
हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे ताकि स्थिति और न बिगड़े।
प्रशासन ने की इंटरनेट सेवाएं बंद

पत्थरबाजी की घटना के बाद चौमूं क्षेत्र में तनाव फैल गया। अफवाहों को रोकने और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई।
अब तक इस मामले में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम के निर्देश के बाद ‘ऑपरेशन क्लीन’
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देर रात गृह विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने डीजीपी को स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। सीएम के निर्देशों के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया। प्रशासन ने साफ किया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष है और इसमें धर्म या समुदाय के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा।
पहले ही गरीब नवाज होटल, चार मीट की दुकानों समेत कई दुकानों और मकानों के बाहर अतिक्रमण हटाने के नोटिस चस्पा किए गए थे। तीन दिन की समयसीमा 31 दिसंबर को पूरी हो चुकी थी। जवाब नहीं मिलने पर अब ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस थाने के बाहर भारी जाब्ता तैनात किया गया है और फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।











