चीन 2025 की आर्थिक रिपोर्ट! निर्यात ने संभाली ग्रोथ, घरेलू सेक्टर बनी चुनौती

चीन 2025 की आर्थिक रिपोर्ट! निर्यात ने संभाली ग्रोथ, घरेलू सेक्टर बनी चुनौती

2025 में चीन की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से निर्यात पर टिकी रही। घरेलू मांग और उपभोक्ता भरोसा कमजोर रहे। प्रॉपर्टी सेक्टर की चुनौती भी बढ़ी। अगर निवेश और खपत सुधार नहीं हुए, तो 2026 में वृद्धि धीमी पड़ सकती है।

China Economy: चीन की अर्थव्यवस्था 2025 में निर्यात पर आधारित रही, जबकि घरेलू मांग और उपभोक्ता भरोसे को पटरी पर लाना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में आर्थिक वृद्धि और धीमी हो सकती है, अगर घरेलू खपत और निवेश में सुधार नहीं हुआ।

2025 में ग्रोथ रेट

चीन ने 2025 में कुल मिलाकर 5% की सालाना ग्रोथ रेट हासिल की, जो सरकार के “लगभग 5%” के लक्ष्य के करीब है। यह ग्रोथ मुख्य रूप से मजबूत निर्यात के दम पर संभव हुई, भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ से दबाव बना रहा।

हालांकि, साल की आखिरी तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर में वृद्धि की गति धीमी पड़कर 4.5% रह गई। यह दर 2022 के बाद सबसे कम तिमाही वृद्धि है, जब कोविड प्रतिबंधों में ढील शुरू हुई थी। पिछली तिमाही जुलाई-सितंबर में वृद्धि 4.8% थी। तिमाही आधार पर आर्थिक गतिविधि में 1.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

निर्यात ने घरेलू कमजोरी की भरपाई की

चीन की मजबूत निर्यात नीति ने कमजोर घरेलू खपत और निवेश की कमी को संतुलित किया। देश का व्यापार अधिशेष रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर $1.2 ट्रिलियन हो गया। अमेरिका को निर्यात में करीब 20% की गिरावट आई, लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अन्य बाजारों में बढ़े निर्यात ने नुकसान की भरपाई की।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह लचीला निर्यात स्थायी नहीं हो सकता। कई देशों ने अब चीनी आयातों पर टैरिफ बढ़ाने या सुरक्षा उपाय लागू करने की योजना बनाई है। आईएनजी बैंक के ग्रेटर चाइना के मुख्य अर्थशास्त्री लिन सॉन्ग ने कहा कि निर्यात फिलहाल मुख्य इंजन है, लेकिन अगर मैक्सिको और यूरोपीय संघ भी टैरिफ बढ़ाते हैं, तो दबाव और बढ़ सकता है।

घरेलू मांग और प्रॉपर्टी सेक्टर की चुनौती

चीन की सरकार घरेलू मांग को बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है, लेकिन परिणाम सीमित रहे हैं। पुराने वाहनों और घरेलू उपकरणों जैसे फ्रिज और वॉशिंग मशीन पर सब्सिडी और ट्रेड-इन योजनाओं की गति धीमी पड़ गई है।

बीएनपी परिबास के एशिया पैसिफिक सीनियर स्ट्रैटेजिस्ट ची लो के अनुसार, प्रॉपर्टी मार्केट में स्थिरता लाना जरूरी है। तभी उपभोक्ता भरोसा और निजी निवेश-खपत में सुधार होगा।

सरकार ने AI और एडवांस टेक्नोलॉजी में भारी निवेश किया है ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम हो। इसके बावजूद आम लोग और छोटे कारोबारी आर्थिक दबाव और महंगाई से संघर्ष कर रहे हैं।

स्थानीय कारोबारियों की परेशानी

AP की रिपोर्ट के मुताबिक, गुइझोउ प्रांत की 53 वर्षीय नूडल रेस्टोरेंट मालकिन लियू फेंगयुन बताती हैं कि कारोबार मुश्किल हो गया है। उनके ग्राहक कहते हैं कि पैसा कमाना कठिन है और घर पर नाश्ता बनाना सस्ता पड़ता है। यह संकेत है कि उपभोक्ता भरोसा अभी भी कमजोर है और घरेलू खपत में तेजी नहीं आई है।

निर्यात पर निर्भर अर्थव्यवस्था

कुल मिलाकर, 2025 में चीन की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से निर्यात पर टिकी रही। अमेरिका और अन्य देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ के बावजूद निर्यात लचीला रहा, लेकिन यह लगातार एक जोखिम भरा आधार है। घरेलू मांग, उपभोक्ता भरोसा और प्रॉपर्टी संकट को पटरी पर लाना अब सबसे बड़ी चुनौती है।

यदि घरेलू निवेश और खपत में सुधार नहीं हुआ, तो 2026 में चीन की ग्रोथ दर और धीमी पड़ सकती है। चीन के लिए यह साल विदेशी बाजारों के दबाव और घरेलू समस्याओं के बीच संतुलन बनाने का महत्वपूर्ण मोड़ है।

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