चीन में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित गाओकाओ 2026 परीक्षा में इस वर्ष 12.9 मिलियन यानी 1.29 करोड़ छात्रों ने पंजीकरण कराया है। विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आयोजित इस परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में गिना जाता है।
बीजिंग: चीन की राष्ट्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा गाओकाओ 2026 का आयोजन शुरू हो गया है। इस वर्ष करीब 12.9 मिलियन छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित यह परीक्षा चीन की सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक परीक्षाओं में से एक मानी जाती है और इसकी प्रतिस्पर्धा विश्व स्तर पर चर्चा का विषय रहती है।
12.9 मिलियन छात्रों ने कराया पंजीकरण
चीन में हर वर्ष आयोजित होने वाली गाओकाओ (Gaokao) परीक्षा इस बार भी बड़े पैमाने पर आयोजित की जा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 की परीक्षा के लिए 12.9 मिलियन यानी लगभग 1.29 करोड़ छात्रों ने पंजीकरण कराया है। यह परीक्षा देश के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश का प्रमुख माध्यम है।

गाओकाओ को चीन की शिक्षा प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा माना जाता है। लाखों छात्र वर्षों की तैयारी के बाद इसमें शामिल होते हैं क्योंकि इसके परिणाम ही उनके उच्च शिक्षा और करियर की दिशा तय करते हैं।
कई क्षेत्रों में परीक्षा कई दिनों तक चलेगी
रिपोर्टों के अनुसार गाओकाओ परीक्षा की शुरुआत रविवार से हो चुकी है। हालांकि सभी छात्रों की परीक्षा एक ही दिन समाप्त नहीं होगी। चीन के 29 प्रांतीय क्षेत्रों में लागू नई परीक्षा प्रणाली के तहत कुछ छात्रों को मंगलवार और बुधवार तक विभिन्न विषयों की परीक्षाएं देनी होंगी।
परीक्षा के दौरान प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय प्रशासन, परिवहन विभाग और सुरक्षा एजेंसियां लगातार परीक्षा प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने में जुटी हैं।
छात्रों के लिए विशेष यातायात व्यवस्था
परीक्षा के मद्देनजर परिवहन विभाग ने छात्रों और अभिभावकों को समय से पहले घर से निकलने की सलाह दी है। अधिकारियों ने सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने पर भी जोर दिया है ताकि सड़कों पर भीड़ कम हो सके और परीक्षार्थी समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकें।
साथ ही आम नागरिकों से भी पीक आवर्स के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। वाहन चालकों से अनुरोध किया गया है कि परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे छात्रों को प्राथमिकता दें और यातायात को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें।
पुलिस, डॉक्टर और स्वयंसेवक कर रहे मदद
गाओकाओ परीक्षा के दौरान चीन में विशेष सहायता व्यवस्था भी लागू की गई है। यातायात पुलिस, चिकित्सा दल और स्वयंसेवकों को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया गया है। इनका उद्देश्य छात्रों को आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना और परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान करना है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।
किन विषयों की होती है परीक्षा?
गाओकाओ परीक्षा में छात्रों से कई प्रमुख विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। अनिवार्य विषयों में चीनी भाषा, गणित और एक विदेशी भाषा शामिल होती है। इसके अलावा छात्र अपनी अध्ययन धारा के अनुसार अन्य विषयों का चयन करते हैं।
परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, राजनीति विज्ञान, इतिहास और भूगोल जैसे विषय भी शामिल हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों और पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्रों के प्राप्तांक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्यों खास है गाओकाओ परीक्षा?
गाओकाओ को दुनिया की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं में गिना जाता है। इसका कारण इसमें शामिल होने वाले छात्रों की विशाल संख्या और सीमित सीटों के लिए होने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह परीक्षा केवल अकादमिक क्षमता का आकलन नहीं करती, बल्कि छात्रों की मानसिक तैयारी, समय प्रबंधन और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता की भी परीक्षा लेती है। यही वजह है कि गाओकाओ को चीन के लाखों परिवारों के लिए भविष्य तय करने वाली परीक्षा माना जाता है।











