Citadel Season 2 Review: प्रियंका चोपड़ा की हाई-बजट स्पाई सीरीज, दुनिया को बचाने का एक और मिशन

Citadel Season 2 में प्रियंका चोपड़ा एक बार फिर दुनिया को बचाने के हाई-स्टेक मिशन पर लौटती हैं। हाई-बजट स्पाई थ्रिलर में एक्शन, सस्पेंस और ग्लोबल स्टोरीलाइन

Citadel का दूसरा सीजन आखिरकार रिलीज हो चुका है। ग्लोबल स्टार Priyanka Chopra Jonas की मौजूदगी और पहले सीजन की लोकप्रियता के कारण दर्शकों में इस सीरीज को लेकर काफी उत्साह था। 

  • Movie: Citadel 2
  • Director: Russo Brothers
  • Starring: Mason Kane, Priyanka Chopra, Bernard Orlick
  • Date: 6/05/2026 
  • Review: 2/5

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बड़े सितारे, बड़ा बजट, भव्य लोकेशन्स और ग्लोबल प्लेटफॉर्म—ये सब मिलकर भी हमेशा मजबूत कंटेंट की गारंटी नहीं देते। Citadel का सीजन 2 इसी बात की मिसाल लगता है। पहले सीजन में दिलचस्पी इसलिए भी थी क्योंकि इसमें Priyanka Chopra Jonas जैसी ग्लोबल स्टार कास्ट शामिल थी और कहानी में एक तरह की ताजगी भी महसूस हुई थी। लेकिन दूसरे सीजन को लेकर वही प्रभाव देखने को नहीं मिलता।

सीजन 2 में भले ही प्रोडक्शन वैल्यू, एक्शन और विजुअल्स मजबूत हों, लेकिन कहानी की गहराई और ठोस लेखन की कमी साफ महसूस होती है। स्टाइल तो भरपूर है, लेकिन “सब्सटेंस” यानी मजबूत कहानी और इमोशनल पकड़ कमजोर पड़ती नजर आती है।

कहानी: दुनिया को बचाने का एक और मिशन

दूसरे सीजन की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां पहला सीजन खत्म हुआ था। पूर्व एजेंट्स Mason Kane, Nadia और Bernard अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी जिंदगी जी रहे हैं। हालांकि एक नए वैश्विक खतरे के कारण उन्हें फिर से एक मिशन के लिए साथ आना पड़ता है। इस बार कहानी का मुख्य खलनायक Paulo Braga है, जो ऐसी तकनीक विकसित कर रहा है जिससे इंसानों के दिमाग को नियंत्रित किया जा सके। 

उसका उद्देश्य वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना और बड़े स्तर पर हिंसा फैलाना है। सीरीज इसी मिशन, वैश्विक खतरे और एजेंट्स के निजी संघर्षों के इर्द-गिर्द घूमती है।

शुरुआत धीमी, थ्रिल कमजोर

स्पाई थ्रिलर शैली की सीरीज से दर्शक तेज रफ्तार कहानी, अप्रत्याशित मोड़ और लगातार सस्पेंस की उम्मीद करते हैं। लेकिन “Citadel Season 2” की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी धीमी शुरुआत और कमजोर स्क्रीनप्ले बनकर सामने आती है। पहले दो एपिसोड में कहानी स्पष्ट रूप से आगे बढ़ती नजर नहीं आती। कई दृश्य और उपकथाएं मुख्य प्लॉट से अलग महसूस होती हैं, जिससे दर्शकों की रुचि कम हो सकती है।

तीसरे एपिसोड में कहानी थोड़ी गति पकड़ती है, लेकिन इसके बाद फिर से सीरीज की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। कई भावनात्मक और निजी रिश्तों से जुड़े दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं, जिससे मुख्य स्पाई थ्रिलर तत्व कमजोर हो जाता है।

एक्शन और विजुअल्स अच्छे, लेकिन नया कुछ नहीं

सीरीज में अंतरराष्ट्रीय लोकेशंस, हाई-टेक गैजेट्स और बड़े पैमाने पर फिल्माए गए एक्शन सीक्वेंस जरूर मौजूद हैं। लेकिन आधुनिक स्पाई फ्रेंचाइज़ी के दौर में यह सब अब दर्शकों के लिए नया नहीं रह गया है। हालांकि एक्शन सीक्वेंस तकनीकी रूप से मजबूत हैं, लेकिन उनमें वह रोमांच और तनाव नहीं बन पाता जो दर्शकों को सीट से बांधे रख सके।

प्रियंका चोपड़ा की दमदार मौजूदगी

सीरीज की सबसे बड़ी ताकत Priyanka Chopra Jonas की स्क्रीन प्रेजेंस है। उन्होंने Nadia के किरदार को आत्मविश्वास और स्टाइल के साथ निभाया है।उनके एक्शन दृश्य प्रभावशाली लगते हैं और यह साफ दिखाई देता है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन जगत में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। इसके अलावा Mason Kane का किरदार निभाने वाले अभिनेता भी अपने रोल में प्रभावी नजर आते हैं। Bernard Orlick का किरदार कहानी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उनका प्रदर्शन संतुलित लगता है।

Lesley Manville और Matt Berry जैसे कलाकारों ने अपने किरदारों से सीरीज में कुछ दिलचस्प पल जोड़े हैं। विशेष रूप से Matt Berry का कॉमिक अंदाज गंभीर माहौल के बीच हल्कापन लाने का काम करता है।

लेखन और निर्देशन में कमी

सीरीज को Russo Brothers ने तैयार किया है, जिनकी पहचान बड़े एक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए रही है। लेकिन इस बार लेखन में वह गहराई और मौलिकता नजर नहीं आती जिसकी दर्शकों को उम्मीद थी। कहानी में कई ऐसे मोड़ हैं जो पहले भी कई स्पाई फिल्मों और वेब सीरीज में देखे जा चुके हैं। यही कारण है कि सीरीज कई जगहों पर प्रेडिक्टेबल महसूस होती है।

क्या आपको यह सीरीज देखनी चाहिए?

यदि आप हाई-बजट स्पाई ड्रामा, स्टाइलिश एक्शन और प्रियंका चोपड़ा के प्रशंसक हैं, तो “Citadel Season 2” एक बार देखने लायक हो सकती है। लेकिन यदि आप मजबूत कहानी, तेज थ्रिल और भावनात्मक गहराई की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह सीजन आपको पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाएगा।

Leave a comment