मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, महिला कैडर समेत छह उग्रवादी गिरफ्तार; भारी मात्रा में हथियार बरामद

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई, महिला कैडर समेत 6 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। ऑपरेशन के दौरान AK-47, IED, ग्रेनेड और बड़ी मात्रा मे हथियार बरामद ।

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला कैडर समेत 6 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन के दौरान AK-47, ग्रेनेड, IED और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए। पुलिस राज्यभर में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।

इम्फाल: पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील राज्य मणिपुर में सुरक्षा बलों ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक शीर्ष उग्रवादी नेता और एक महिला कैडर भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों ने यह कार्रवाई मणिपुर के कई जिलों में चलाए गए इंटेलिजेंस आधारित सर्च ऑपरेशन के तहत की। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में उग्रवादी गतिविधियों, अवैध हथियारों और जबरन वसूली के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया जा रहा है।

UKNA के स्वयंभू लेफ्टिनेंट की गिरफ्तारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार उग्रवादियों में United Kuki National Army (UKNA) का स्वयंभू लेफ्टिनेंट सैमेनीयाल हाओकिप (22) भी शामिल है।

उसे चुराचांदपुर, इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व जिलों में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान पकड़ा गया।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हाओकिप लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों में शामिल था और कई मामलों में उसकी तलाश की जा रही थी।

महिला कैडर समेत अन्य उग्रवादी भी गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए अन्य पांच उग्रवादी Kangleipak Communist Party (KCP) और People’s Revolutionary Party of Kangleipak (PREPAK) से जुड़े बताए जा रहे हैं।

इनमें एक महिला कैडर भी शामिल है, जिसकी पहचान सलाम ओंगबी कोंजेंगबाम करुणा देवी (51) उर्फ पिपिक के रूप में हुई है। उसे इंफाल पश्चिम जिले स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने उसके कब्जे से 6.81 लाख रुपए नकद, मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद किया है। अधिकारियों का कहना है कि उससे पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क की जांच की जा रही है।

जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद

सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार UKNA नेता से मिली जानकारी के आधार पर जंगल क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एसखोलेन और उखा लोइखाई इलाके से हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया।

बरामद सामान में शामिल हैं—

  • एक 7.62 मिमी AK-47 राइफल
  • AK मैगजीन
  • ग्लॉक .32 ACP पिस्टल
  • 9 मिमी पिस्टल मैगजीन
  • विभिन्न कैलिबर के 26 कारतूस
  • दो हैंड ग्रेनेड
  • चार इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED)
  • एक रेडियो सेट
  • एक स्मार्टफोन
  • एक मारुति जिप्सी वाहन

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, बरामद हथियारों का इस्तेमाल उग्रवादी गतिविधियों और संभावित हमलों में किया जा सकता था।

मणिपुर में तेज हुए सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन

राज्य पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि मणिपुर के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग, कॉर्डन और सर्च ऑपरेशन जारी हैं।
विशेष रूप से संवेदनशील, मिश्रित आबादी और सीमा से लगे इलाकों में सुरक्षा बल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य उग्रवादियों, अवैध हथियारों और जबरन वसूली में शामिल नेटवर्क को खत्म करना है।

राज्यभर में 114 चेकपोस्ट स्थापित

संदिग्ध गतिविधियों और अवैध हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए मणिपुर के घाटी और पहाड़ी जिलों में कुल 114 नाके (चेकपोस्ट) स्थापित किए गए हैं।
इन चेकपोस्ट पर वाहनों की जांच, पहचान सत्यापन और संदिग्ध लोगों की निगरानी की जा रही है।

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ाई गई सुरक्षा

मणिपुर में सुरक्षा बल विशेष रूप से इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर सतर्कता बनाए हुए हैं।
आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले ट्रकों और अन्य वाहनों को सुरक्षा एस्कॉर्ट प्रदान किया जा रहा है ताकि उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

संवेदनशील इलाकों में काफिला सुरक्षा और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

सोशल मीडिया अफवाहों को लेकर पुलिस की चेतावनी

इस बीच मणिपुर पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी वीडियो से सावधान रहने की अपील की है।
पुलिस ने कहा कि कई भ्रामक वीडियो और ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं, जिससे तनाव बढ़ सकता है।

पुलिस बयान में कहा गया है कि किसी भी वीडियो या ऑडियो की सत्यता केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से सत्यापित की जा सकती है। साथ ही फर्जी सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

मणिपुर में सुरक्षा स्थिति अब भी संवेदनशील

विशेषज्ञों का मानना है कि मणिपुर में हाल के वर्षों में जातीय तनाव, उग्रवादी गतिविधियां और अवैध हथियारों की मौजूदगी राज्य की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

हालांकि सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन राज्य में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना अभी भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक संवाद, सामाजिक विश्वास बहाली और विकास कार्यक्रमों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

केंद्र और राज्य एजेंसियों की संयुक्त रणनीति

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, केंद्र और राज्य की एजेंसियां मिलकर मणिपुर में बहुस्तरीय सुरक्षा रणनीति पर काम कर रही हैं।
इसमें

  • उग्रवादी सगठनों की वित्तीय गतिविधियों पर नजर
  • हथियारों की तस्करी रोकना
  • सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना
  • डिजिटल और साइबर निगरानी मजबूत करना
  • जैसे कदम शामिल हैं।

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