गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज हुई। तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव ने ऑटो, मेटल, रियल्टी और कंज्यूमर शेयरों पर दबाव डाला। निवेशक सतर्क रहते हुए जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
Closing Bell Today: गुरुवार, 12 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने चौतरफा दबाव के बीच कारोबार समाप्त किया। एशियाई बाजारों में गिरावट और बढ़ती तेल कीमतों ने निवेशकों की जोखिम लेने की प्रवृत्ति पर लगातार नकारात्मक असर डाला। तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव ने ऑटो, मेटल, रियल्टी और कंज्यूमर शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट का माहौल बनाया।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) सुबह 76,369 अंक पर खुला। खुलते ही इसमें गिरावट देखने को मिली और सुबह 9:25 बजे सेंसेक्स 867.44 अंक या 1.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,996.27 पर ट्रेड कर रहा था। इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 23,674.85 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 23,600 के नीचे फिसल गया और सुबह 9:27 बजे 274.35 अंक या 1.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,592.50 पर ट्रेड कर रहा था।
कच्चा तेल और वैश्विक तनाव का असर
ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत में तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ा दिया। एशिया के शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड लगभग 8 प्रतिशत बढ़कर 100.18 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
निवेशक यह देख रहे हैं कि क्या विभिन्न देशों द्वारा आपातकालीन भंडार से तेल रिलीज करके अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण हुई कमी को पूरा किया जा सकता है। ब्रेंट क्रूड का मई महीने का फ्यूचर्स सौदा भी तेजी के साथ 99.94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह तनाव लंबा चलता है तो तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं और इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर लगातार नजर आएगा।
एशियाई बाजारों में गिरावट
एशिया के ज्यादातर शेयर बाजार गुरुवार की सुबह गिरावट के साथ खुले। जापान का निक्केई 225 एक प्रतिशत से अधिक गिर गया, जबकि चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.09 प्रतिशत नीचे रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स लगभग स्थिर नजर आया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी-ईरान संघर्ष से तेल सप्लाई में रुकावट का डर निवेशकों में बेचैनी पैदा कर रहा है और इस कारण एशियाई शेयर बाजार दबाव में हैं।
अमेरिका में बाजार की स्थिति
अमेरिकी बाजार में भी हालात समान रहे। फरवरी में महंगाई की गति थोड़ी धीमी हुई, लेकिन वैश्विक तनाव और तेल की कीमतों में उछाल के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.61 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, वहीं एस एंड पी 500 इंडेक्स 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स हल्की तेजी के साथ 0.08 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका-ईरान संघर्ष लंबा चलता है तो कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है और इसका असर आने वाले दिनों में भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलेगा।
सेक्टर वाइज नुकसान
गुरुवार को सबसे ज्यादा नुकसान ऑटो, मेटल, रियल्टी और कंज्यूमर शेयरों में दर्ज किया गया। ऑटो सेक्टर में दबाव मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे माल की कीमतों में तेजी के कारण आया। मेटल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट निवेशकों की सतर्कता और बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण हुई। कंज्यूमर सेक्टर में भी शेयरों पर दबाव देखा गया क्योंकि वैश्विक बाजार में अस्थिरता और तेल की बढ़ती कीमतों ने लागत बढ़ा दी।
IPO अपडेट: निवेशकों की नजर
इस बीच, बाजार में आईपीओ निवेशकों की भी रुचि का केंद्र रहे। राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) और एप्सिस एयरोकॉम के आईपीओ गुरुवार को अप्लाई करने का दूसरा दिन था। पहले दिन InvIT को 0.16 गुना और एप्सिस एयरोकॉम को 3.39 गुना सब्सक्राइब किया गया।
इनोविजन IPO का अप्लाई करने का आज अंतिम दिन है। पहले दिन इस इश्यू को 0.12 गुना सब्सक्राइब किया गया। यह कुल ₹322.84 करोड़ का बुक-बिल्ड इश्यू है, जिसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल हैं। निवेशक आज अंतिम दिन इस IPO में हिस्सा लेकर अपने पोर्टफोलियो में नए अवसर जोड़ सकते हैं।










