6 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच अंतिम घंटे में तेजी देखी गई। सेंसेक्स 83,655.54 और निफ्टी 25,693.05 पर बंद हुआ। RBI MPC ने रेपो रेट 5.25% पर अपरिवर्तित रखा।
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 6 फरवरी को हफ्ते के अंतिम ट्रेडिंग सेशन में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार दिखाया। दिनभर बाजार में दबाव और तेजी दोनों देखने को मिले। शुरुआती सत्र में आईटी और पीएसयू बैंकिंग शेयरों की गिरावट से बाजार पर दबाव रहा, जबकि एफएमसीजी शेयरों की खरीदारी ने कुछ हद तक समर्थन प्रदान किया। दिन के अंतिम आधे घंटे की खरीदारी ने सेंसेक्स को मजबूती दी और यह 266 अंक चढ़कर 83,655.54 पर बंद हुआ। निफ्टी-50 ने भी मजबूत बंद किया और 25,693.05 के स्तर पर समाप्त हुआ।
आरबीआई MPC का प्रभाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति यानी MPC की बैठक में रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया। यह FY26 की आखिरी द्विमासिक नीति बैठक थी। MPC ने मौजूदा परिस्थितियों का मूल्यांकन करते हुए ‘न्यूट्रल’ रुख बनाए रखा। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैठक के बाद कहा कि ब्याज दरों में फरवरी 2025 से अब तक कुल 100 बेसिस पॉइंट की कटौती की जा चुकी है। रेपो रेट स्थिर रहने के बाद बैंकिंग, एनबीएफसी, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे सेक्टरों में मिला-जुला असर देखा गया।
सेंसेक्स और निफ्टी का आज का प्रदर्शन
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ 83,249.32 पर खुला, लेकिन दिन के दौरान रिकवरी के साथ यह 83,392.28 तक पहुंच गया। वहीं, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 25,605 पर खुला और शुरुआती सत्र में 25,600 के नीचे फिसल गया। दोपहर के समय 25,628.15 पर कारोबार कर रहा था। दिनभर का रुझान सीमित दायरे में रहा, लेकिन अंतिम घंटे की तेजी ने बाजार को सकारात्मक मोड़ दिया।
निफ्टी का तकनीकी विश्लेषण
एनरिच मनी के सीईओ पोन्मुडी आर के के अनुसार, निफ्टी 50 लगातार 25,800 के ऊपर टिकने में असफल रहा है और फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर में है। इससे ऊंचे स्तरों पर बिकवाली और मुनाफावसूली का दबाव साफ दिखता है। 25,600-25,500 का दायरा एक अहम सपोर्ट जोन बन गया है। यह हाल के स्विंग लो और 20 व 100-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के आसपास स्थित है, जिससे इसे मजबूत सहारा माना जा रहा है। ऊपर की तरफ 25,800-25,900 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस है, जबकि 26,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर बड़ी रुकावट के रूप में काम करेगा। अगर निफ्टी 25,500 के नीचे decisively टूटता है, तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह 25,000 तक जा सकता है।
वैश्विक बाजार का प्रभाव
एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार को कमजोरी बनी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3 प्रतिशत गिरा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स लगभग 2 प्रतिशत नीचे रहा। अमेरिका की तकनीकी कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। ब्लूमबर्ग के अनुसार, नैस्डैक 100 ने पिछले साल अप्रैल के बाद तीन दिनों में सबसे बड़ी गिरावट का सामना किया। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर चिंताएं भी शामिल हैं। वहीं, S&P 500 इंडेक्स 1.23 प्रतिशत और नैस्डैक 1.59 प्रतिशत गिरकर बंद हुए।
बाजार में सेक्टर वाइज रुख
आज बैंकिंग और आईटी सेक्टर में दबाव रहा, जबकि एफएमसीजी और कुछ ऑटो शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। ब्याज दर स्थिर रहने से एनबीएफसी और रियल एस्टेट शेयरों में मिला-जुला रुख देखा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का ध्यान RBI के रुख और वैश्विक बाजार की गतिविधियों पर बना रहेगा।











