राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में केजरीवाल और सिसोदिया को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि आरोप साबित करने के लिए ठोस सबूत नहीं थे। AAP ने इसे न्याय और ईमानदारी की जीत बताया।
Punjab: दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में शुक्रवार को राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने CBI द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार किया और कहा कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किए गए। कोर्ट का यह फैसला पार्टी के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है और AAP नेताओं ने इसे ईमानदारी की जीत बताया।
पंजाब के CM भगवंत मान ने दी प्रतिक्रिया
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सच की हमेशा जीत होती है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को शराब घोटाले के आरोपों से बरी किए जाने से स्पष्ट हो गया है कि न्याय व्यवस्था सही दिशा में काम कर रही है। भगवंत मान ने कहा, "समय के साथ, बाकी सभी मामलों में भी सच सामने आएगा और लोगों को न्याय मिलेगा।"
पंजाब AAP ने बीजेपी पर साधा निशाना
पंजाब AAP के प्रेसिडेंट और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी दिल्ली कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी और केंद्र सरकार की एजेंसियों ने AAP को बदनाम करने के लिए गलत तरीके से दबाव बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल केवल केजरीवाल और सिसोदिया की ईमानदारी और आप की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। अमन अरोड़ा ने कहा कि कोर्ट के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि आरोप झूठे और मनगढ़ंत थे।

जेल में बिताया लंबा समय
अदालत से दोषमुक्त होने से पहले केजरीवाल और सिसोदिया को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 13 सितंबर 2024 को उच्चतम न्यायालय से जमानत मिली। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और संकल्प लिया कि जब तक वे निर्दोष साबित नहीं होते, वे पद पर वापस नहीं लौटेंगे।
मनीष सिसोदिया को भी 17 महीने तक जेल में रहना पड़ा। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। दोनों नेताओं की लंबी जेल अवधि ने राजनीतिक और प्रशासनिक बहस को तेज किया था और आम जनता में भी चर्चा का विषय बनी।
कोर्ट ने क्या कहा
राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि CBI द्वारा प्रस्तुत सबूत पर्याप्त नहीं थे और आरोप साबित करने के लिए ठोस मटीरियल का अभाव था। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले में आरोपों की गंभीरता के बावजूद किसी तरह की साजिश या क्रिमिनल इरादे का कोई सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने चार्जशीट में कई कमियों को उजागर किया और कहा कि केवल आरोपों के आधार पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
AAP नेताओं ने कोर्ट के फैसले को ईमानदारी और न्याय की जीत बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी सदैव भ्रष्टाचार और गलत राजनीतिक दावों के खिलाफ लड़ती रही है। पार्टी का मानना है कि इस फैसले से आम जनता में यह संदेश जाएगा कि सत्ता के दबाव में भी ईमानदार नेताओं को न्याय मिल सकता है।











