हरियाणा-दिल्ली में DAP संकट से मिलेगी राहत, गुजरात पहुंचे खाद से लदे दो जहाज

हरियाणा और दिल्ली के किसानों को DAP संकट से राहत मिलेगी। कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों पर खाद से लदे दो जहाज पहुंचे, आपूर्ति शुरू हुई।

हरियाणा और दिल्ली के किसानों के लिए राहत की खबर है। गुजरात के कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों पर डीएपी खाद से लदे दो जहाज पहुंचने के बाद विभिन्न जिलों में आपूर्ति शुरू हो गई है। इससे खरीफ सीजन के दौरान खाद संकट कम होने की उम्मीद है।

झज्जर: डीएपी खाद की कमी से जूझ रहे हरियाणा और दिल्ली के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। गुजरात के कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों पर डीएपी की बड़ी खेप पहुंच चुकी है, जिसे रेलवे रैक के माध्यम से विभिन्न राज्यों और जिलों में भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में खाद की उपलब्धता सामान्य होने लगेगी।

गुजरात पहुंचे डीएपी के दो बड़े जहाज

खरीफ सीजन के बीच डीएपी खाद की बढ़ती मांग और कमी के बीच किसानों के लिए सकारात्मक खबर आई है। विदेशों से आयातित डीएपी खाद से लदे दो बड़े जहाज गुजरात के कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों पर पहुंच चुके हैं। इसके बाद खाद को तेजी से विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

हरियाणा-दिल्ली में DAP संकट से मिलेगी राहत, गुजरात पहुंचे खाद से लदे दो जहाज

इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) के अधिकारियों के अनुसार बंदरगाहों से खाद की खेप रेलवे के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में भेजी जा रही है। इसी क्रम में करीब 2700 मीट्रिक टन डीएपी खाद लेकर एक रैक हरियाणा के झज्जर पहुंच चुका है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने के लिए वितरण प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।

अगले सप्ताह कई जिलों में पहुंचेगी नई खेप

आईपीएल के अनुसार अगले सप्ताह हरियाणा के झज्जर, पलवल और रेवाड़ी जिले के खोरी रेलवे स्टेशन पर डीएपी खाद के विशेष रैक पहुंचाए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश के अन्य प्रमुख जिलों और दिल्ली क्षेत्र में भी खाद की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी।

अधिकारियों का मानना है कि नई खेप आने के बाद बाजार में डीएपी की उपलब्धता बेहतर होगी और किसानों को खाद प्राप्त करने में होने वाली परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए भी अतिरिक्त 500 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।

खरीफ सीजन में बढ़ी थी मांग

पिछले कुछ सप्ताह से हरियाणा के कई जिलों में डीएपी खाद की कमी देखने को मिल रही थी। धान की रोपाई, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के चलते खाद की मांग अचानक बढ़ गई थी। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने से किसानों को खाद केंद्रों पर लंबी कतारों में लगना पड़ रहा था।

कई क्षेत्रों में किसानों ने पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने की शिकायत भी की थी। ऐसे समय में नई खेप का पहुंचना कृषि गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे खेतों में चल रहे बुवाई और रोपाई कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

ब्लैक मार्केटिंग पर भी लग सकती है रोक

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में पर्याप्त डीएपी उपलब्ध होने से कृत्रिम कमी और ब्लैक मार्केटिंग जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लग सकता है। जब मांग के अनुरूप आपूर्ति बढ़ेगी तो किसानों को उचित मूल्य पर खाद मिल सकेगी और अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।

वहीं कृषि विभाग ने भी वितरण व्यवस्था पर नजर बनाए रखने की बात कही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी और कालाबाजारी की किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाए। सरकार और संबंधित एजेंसियों का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद की उपलब्धता का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे।

हजारों किसानों को होगा सीधा फायदा

नई डीएपी खेप के आने से हरियाणा और दिल्ली क्षेत्र के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। खरीफ सीजन के दौरान समय पर खाद उपलब्ध होना फसल उत्पादन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपूर्ति इसी तरह बनी रही तो आने वाले दिनों में डीएपी संकट पूरी तरह सामान्य हो सकता है और किसानों को खेती के कार्यों में किसी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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