दरभंगा के बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में 2 KM लंबी लाइन: सावन की अंतिम सोमवारी पर उमड़ा सुबह 3 बजे से जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे शिवभक्त

सावन की अंतिम सोमवारी पर दरभंगा के बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में 2 KM लंबी कतार लगी। सुबह 3 बजे से शिवभक्त जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचने लगे।
दरभंगा के बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में 2 KM लंबी लाइन: सावन की अंतिम सोमवारी पर उमड़ा सुबह 3 बजे से जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे शिवभक्त
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दरभंगा: सावन की अंतिम सोमवारी पर दरभंगा के प्रसिद्ध बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए सोमवार की सुबह श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। मंदिर के बाहर भक्तों की लाइन करीब 2 किलोमीटर तक पहुंच गई। बड़ी संख्या में शिवभक्त तड़के सुबह 3 बजे से ही मंदिर पहुंचने लगे थे। हाथों में गंगाजल, कांवर और पूजन सामग्री लिए श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते रहे। पूरे मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में हर-हर महादेव, बोल बम और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे।

सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। रविवार रात से ही मंदिर के आसपास भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे रात बीतती गई, मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती चली गई। सुबह करीब 3 बजे से जलाभिषेक के लिए भक्तों की आवाजाही तेज हो गई और कुछ ही घंटों में कतार लंबी होकर करीब दो किलोमीटर तक पहुंच गई।

श्रद्धालुओं में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के प्रखंडों और दूसरे जिलों से आए भक्त भी शामिल रहे। कई शिवभक्त कांवर में जल लेकर मंदिर पहुंचे। कुछ श्रद्धालु पैदल यात्रा करके धाम पहुंचे तो कई लोग परिवार के साथ सुबह-सुबह मंदिर पहुंचे। सभी की कोशिश थी कि सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा कुशेश्वरनाथ का जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया जाए।

मंदिर की ओर बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण पूरा इलाका भक्तिमय हो गया। कतार में खड़े भक्त शिव मंत्रों का जाप करते रहे। कई जगह श्रद्धालुओं के समूह ने एक साथ हर-हर महादेव का जयघोष किया। जयकारों की आवाज दूर तक सुनाई देती रही।

जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु अपने साथ गंगाजल, दूध, बेलपत्र, फूल, धतूरा और प्रसाद लेकर पहुंचे थे। मंदिर में अपनी बारी आने पर भक्तों ने शिवलिंग पर जल अर्पित किया। इसके बाद बेलपत्र और फूल चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा की। कई श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की।

सावन की अंतिम सोमवारी पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का भी आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे। पुजारियों ने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा की। जलाभिषेक के दौरान भक्तों की लंबी कतार लगातार आगे बढ़ती रही।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की। मंदिर के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। बैरिकेडिंग के जरिए श्रद्धालुओं को कतार में आगे बढ़ाया गया, ताकि एक ही स्थान पर ज्यादा भीड़ जमा न हो। पुलिसकर्मी लगातार लोगों से धैर्य रखने और कतार में बने रहने की अपील करते रहे।

तड़के से ही मंदिर पहुंचने वाले भक्तों के लिए स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने भी मदद की। कई जगह पानी और शरबत की व्यवस्था की गई। लंबी कतार में खड़े श्रद्धालुओं को पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। बुजुर्ग और महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए स्वयंसेवक उनकी मदद करते नजर आए।

मंदिर के आसपास पूजा सामग्री की दुकानों पर भी सुबह से काफी भीड़ रही। फूल, बेलपत्र, प्रसाद, दूध और अन्य सामग्री खरीदने के लिए श्रद्धालु दुकानों पर पहुंचते रहे। सावन की अंतिम सोमवारी के कारण स्थानीय बाजार में भी काफी चहल-पहल दिखाई दी।

कांवरियों के जत्थों में विशेष उत्साह नजर आया। भगवा कपड़े पहने कांवड़िए बोल बम के जयकारे लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़ते रहे। कांवर में लाए गए जल से बाबा का अभिषेक करने के बाद भक्तों ने मंदिर में पूजा की। कई कांवड़ियों ने अपनी यात्रा के दौरान शिव भजनों और मंत्रों का जाप किया।

सावन के दौरान कुशेश्वरनाथ धाम में हर सोमवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन अंतिम सोमवारी पर भीड़ और अधिक बढ़ जाती है। धार्मिक मान्यता के कारण कई श्रद्धालु पूरे सावन में सोमवार का व्रत रखते हैं और अंतिम सोमवार को विशेष पूजा करके व्रत का समापन करते हैं।

मंदिर में बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन कराना रही। प्रवेश और निकास व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी गई। पुलिसकर्मियों ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि कतार में धक्का-मुक्की की स्थिति न बने।

2 किलोमीटर लंबी कतार के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं दिखाई दी। लोग घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक को लेकर उत्साहित रहे। कई भक्त कतार में खड़े होकर भजन गाते रहे तो कई शिव मंत्रों का जाप करते दिखाई दिए।

मंदिर के आसपास सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वाहनों से पहुंचने के कारण प्रमुख रास्तों पर भीड़ बढ़ी। पुलिस ने वाहनों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा कराने की कोशिश की, ताकि मंदिर की ओर जाने वाले पैदल रास्ते पर परेशानी न हो।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे जल्दबाजी न करें और धक्का-मुक्की से बचें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। भीड़ के बीच किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने और किसी परेशानी की स्थिति में पुलिस या प्रशासनिक कर्मियों को सूचना देने की अपील भी की गई।

मंदिर के आसपास मेडिकल सहायता की व्यवस्था भी सक्रिय रखी गई। बड़ी भीड़ को देखते हुए किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की गई। गर्मी और उमस के बीच लंबी कतार में खड़े भक्तों को पानी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

बाबा कुशेश्वरनाथ धाम की धार्मिक आस्था के कारण सावन में यहां बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। अंतिम सोमवारी पर मंदिर में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर इस धाम की लोकप्रियता को सामने रखा। तड़के 3 बजे से ही भक्तों का पहुंचना शुरू होना इस बात का संकेत रहा कि लोगों में भगवान शिव के प्रति कितनी गहरी आस्था है।

सुबह होते-होते मंदिर के आसपास का पूरा इलाका शिवभक्तों से भर गया। कहीं कांवरियों के जत्थे दिखाई दिए तो कहीं परिवार के साथ पहुंचे श्रद्धालु कतार में खड़े नजर आए। हर-हर महादेव के जयकारों और शिव भजनों से माहौल लगातार भक्तिमय बना रहा।

श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक के बाद मंदिर में प्रसाद चढ़ाया और भगवान शिव की आरती की। कई भक्तों ने मंदिर परिसर में कुछ समय बैठकर ध्यान और प्रार्थना भी की। लोगों का कहना था कि सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा के दर्शन और जलाभिषेक से उन्हें विशेष आध्यात्मिक संतुष्टि मिलती है।

अंतिम सोमवारी पर कुशेश्वरनाथ धाम में उमड़ी भीड़ को देखते हुए दिनभर प्रशासन की चुनौती बनी रहेगी। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक टीमों को सतर्क रखा गया है। अधिकारियों की कोशिश है कि भक्तों को सुरक्षित तरीके से मंदिर तक पहुंचाया जाए और दर्शन के बाद व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाला जाए।

सावन की अंतिम सोमवारी पर दरभंगा का बाबा कुशेश्वरनाथ धाम पूरी तरह शिवमय नजर आया। तड़के 3 बजे से ही जलाभिषेक के लिए भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया और सुबह होते-होते करीब 2 किलोमीटर लंबी कतार लग गई। कांवरियों और श्रद्धालुओं के हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा इलाका गूंजता रहा। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग, पुलिस बल, पेयजल और मेडिकल सहायता जैसी व्यवस्थाएं सक्रिय रखीं, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से बाबा का जलाभिषेक कर सकें।

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