दरभंगा। जिले में बाल श्रम से जुड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो बच्चियों को रेस्क्यू किया है। आरोप है कि एक कारोबारी दोनों बच्चियों को मजदूरी कराने के लिए समस्तीपुर से दरभंगा लेकर आया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई की और बच्चियों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। मामले में कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, बच्चियों से मजदूरी कराए जाने की सूचना मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई की। जांच के दौरान पता चला कि दोनों बच्चियां समस्तीपुर जिले से लाई गई थीं। इसके बाद पुलिस ने संबंधित स्थान पर पहुंचकर दोनों को वहां से मुक्त कराया। रेस्क्यू के बाद बच्चियों से प्रारंभिक पूछताछ की गई और उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
आरोप है कि कारोबारी ने दोनों बच्चियों को काम कराने के लिए अपने पास रखा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चियों को किस परिस्थिति में समस्तीपुर से दरभंगा लाया गया था। उन्हें लाने के लिए किसी व्यक्ति की मदद ली गई थी या नहीं और इस पूरी प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
बच्चियों के रेस्क्यू के बाद पुलिस ने कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ बाल श्रम और बच्चों से संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि कारोबारी के यहां पहले से किसी अन्य नाबालिग से काम तो नहीं कराया जा रहा था।
मामले में बच्चियों के परिवार की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों बच्चियों को काम के लिए बाहर भेजने की परिस्थितियां क्या थीं। यदि उन्हें बहला-फुसलाकर या किसी लालच के जरिए काम पर लाया गया था, तो जांच में यह भी सामने लाया जाएगा।
बाल श्रम के मामलों में बच्चों को शिक्षा और सामान्य बचपन से दूर कर कम उम्र में काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस के साथ-साथ बाल संरक्षण से जुड़े विभागों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। रेस्क्यू किए गए बच्चों की काउंसिलिंग और उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है, ताकि वे दोबारा ऐसी स्थिति में न पहुंचें।
दरभंगा में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। अधिकारियों का ध्यान इस बात पर भी है कि बच्चियों को समस्तीपुर से दरभंगा तक किसने पहुंचाया और उनके परिवार की सहमति थी या नहीं। यदि किसी बिचौलिए की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने कारोबारी से पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान बच्चियों को काम पर रखने, उन्हें दरभंगा लाने और उनके साथ काम की परिस्थितियों से जुड़े सवाल किए जा रहे हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चियों को सुरक्षित रखा गया है। संबंधित विभाग उनकी स्थिति और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी जुटा रहा है। इसके बाद उन्हें परिवार को सौंपने या बाल संरक्षण गृह में रखने का निर्णय नियमानुसार लिया जा सकता है।
घटना ने एक बार फिर बाल श्रम रोकने के लिए निगरानी की जरूरत को सामने रखा है। खासकर दूसरे जिलों से बच्चों को काम कराने के लिए लाए जाने के मामलों में पुलिस और प्रशासन को लगातार निगरानी रखनी पड़ती है। होटल, दुकान, कारखाने, वर्कशॉप और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नाबालिगों से काम कराने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है।
पुलिस की इस कार्रवाई से दोनों बच्चियों को मजदूरी से बाहर निकालकर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया गया है। अब जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि दोनों बच्चियों को समस्तीपुर से दरभंगा क्यों और किसके जरिए लाया गया था।
फिलहाल दोनों बच्चियों का रेस्क्यू कर कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे प्रकरण में कारोबारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी थी या नहीं।