Defence: DAC ने सेना के आधुनिकीकरण के लिए ₹79,000 करोड़ के प्रस्तावों को दी मंजूरी

Defence: DAC ने सेना के आधुनिकीकरण के लिए ₹79,000 करोड़ के प्रस्तावों को दी मंजूरी

भारत सरकार ने अपनी सेनाओं की युद्धक क्षमता और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने लगभग ₹79,000 करोड़ के सैन्य उपकरण और हथियार खरीदने के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। 

नई दिल्ली: 2025 में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की युद्धक क्षमता और निगरानी तंत्र को अभूतपूर्व मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने करीब ₹80,000 करोड़ की लागत वाले सैन्य उपकरणों और हथियारों की खरीद के लिए 'एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी' (AoN) प्रदान कर दी है। 

यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब भारत अपनी सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है और स्वदेशी रक्षा इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दे रहा है।

प्रमुख खरीद और रणनीतिक महत्व

इस मंजूरी का एक बड़ा हिस्सा आपातकालीन खरीद फ्रेमवर्क के अंतर्गत आता है, जिसका उद्देश्य सेनाओं की तुरंत परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करना है। इस निवेश का उपयोग विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा:

एयर डिफेंस और निगरानी

  • एम्ब्रेयर आधारित AEW&C सिस्टम की खरीद।
  • स्वदेशी 'नेत्रा' (NETRA) AEW सिस्टम का एकीकरण।

इससे हवाई सीमाओं की निगरानी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा और भारत की वायु रक्षा मजबूत होगी।

थल सेना का सुदृढ़ीकरण

  • T-90 टैंकों के ओवरहॉल और आधुनिकीकरण की मंजूरी।
  • ये टैंक जमीनी युद्ध क्षमता की रीढ़ माने जाते हैं और सीमाओं पर सेना की ताकत बढ़ाएंगे।

वायुसेना और नौसेना

  • Mi-17 हेलीकॉप्टरों के मिड-लाइफ अपग्रेड।
  • नौसेना के लिए नए टग्स (Tugs) और सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (SDR)।
  • लॉन्ग-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल 'Astra Mark-2' की खरीद पर चर्चा।

यह कदम भारत की सतत हवाई और समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा।

घरेलू रक्षा उद्योग और MSME क्षेत्र को लाभ

₹79,000 करोड़ का यह निवेश केवल सेना की ताकत बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसे भारतीय रक्षा विनिर्माण (Indigenous Defence Manufacturing) के लिए भी बड़ा उत्प्रेरक माना जा रहा है।

  • 'बाय (इंडियन-IDDM)' श्रेणी के तहत इन प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • इससे भारतीय सार्वजनिक उपक्रमों जैसे BEL, HAL, BDL, मझगांव डॉक, और निजी क्षेत्र की कंपनियों एवं स्टार्टअप्स को बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए रोजगार और तकनीकी विकास के नए अवसर खोलेगा।

बाजार की प्रतिक्रिया

  • DAC की बैठक और प्रस्तावों की मंजूरी की खबरों के बाद भारतीय शेयर बाजार में रक्षा क्षेत्र के शेयरों में तेजी देखी गई।
  • मिश्रा धातु निगम (Midhani) के शेयरों में लगभग 11% की बढ़त।
  • मझगांव डॉक, GRSE (Garden Reach Shipbuilders) और BDL के शेयर 2-3% बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।

विश्लेषकों का कहना है कि सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में निरंतर पूंजीगत व्यय निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रहा है। DAC द्वारा स्वीकृत यह परियोजना केवल घरेलू सुरक्षा को मजबूत नहीं करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी रक्षा क्षमताओं वाला देश बनाने की दिशा में भी मदद करेगी। सीमा क्षेत्रों में बढ़ती चुनौतियों और तेजी से बदलते अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा माहौल के बीच यह निर्णय रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a comment