दिल्ली में डिलीवरी बॉय से लूट: दो बहनों ने आंखों में मिर्च झोंकी, स्कूटी से टक्कर मारकर पार्सल छीने; 15 घंटे में गिरफ्तार

दिल्ली के रोहिणी में दो बहनों ने डिलीवरी बॉय की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर और स्कूटी से टक्कर मारकर पार्सल लूट लिए। पुलिस ने 15 घंटे में दोनों को गिरफ्तार किया

दिल्ली के रोहिणी में दो बहनों ने डिलीवरी बॉय की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर और स्कूटी से टक्कर मारकर पार्सल लूट लिए। पुलिस ने 15 घंटे में दोनों को गिरफ्तार कर तीन पार्सल, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की।

नई दिल्ली: दिल्ली के रोहिणी इलाके में डिलीवरी बॉय से लूट के मामले का पुलिस ने 15 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, दो सगी बहनों ने पहले डिलीवरी बॉय को ग्राहक बनकर रोका और पार्सल छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर एक बहन ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया, जबकि दूसरी ने स्कूटी से टक्कर मारकर उसे गिरा दिया। इसके बाद दोनों डिलीवरी बैग से कई पार्सल लेकर फरार हो गईं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी पहचान 26 वर्षीय नैंसी सिंह और 20 वर्षीय ग्रेसी सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से लूटे गए तीन पार्सल, वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

ग्राहक बनकर डिलीवरी बॉय के पास पहुंची बहन

पुलिस के मुताबिक, घटना 25 सितंबर की शाम करीब 7:20 बजे रोहिणी के सेक्टर-5 स्थित हनुमान मंदिर के पास हुई।

डिलीवरी बॉय पार्सल लेकर जा रहा था। इसी दौरान एक युवती ग्राहक बनकर उसके पास पहुंची। उसने डिलीवरी बैग से पार्सल जबरन निकालने की कोशिश की।

डिलीवरी बॉय ने इसका विरोध किया। इसके बाद आरोपी युवती ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। अचानक हुए हमले से डिलीवरी बॉय को परेशानी हुई और वह अपना बचाव करने की कोशिश करने लगा।

दूसरी बहन ने स्कूटी से मारी टक्कर

पुलिस के अनुसार, इसी दौरान दूसरी युवती स्कूटी से मौके पर पहुंची। उसने डिलीवरी बॉय को पीछे से स्कूटी से टक्कर मार दी।

टक्कर लगने के बाद डिलीवरी बॉय सड़क पर गिर गया और उसके पैर में चोट लग गई। इसके बाद दोनों युवतियों ने डिलीवरी बैग से कई पार्सल निकाल लिए और स्कूटी से मौके से फरार हो गईं।

घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को इसकी सूचना दी। शिकायत के आधार पर बुध विहार थाने में मामला दर्ज किया गया और आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

पुलिस ने 15 घंटे में दोनों को पकड़ा

मामले की जांच के लिए पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी के साथ स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई। पुलिस के मुताबिक, मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों संदिग्ध महिलाओं की पहचान की गई।

इसके बाद पुलिस ने नैंसी सिंह और ग्रेसी सिंह को 15 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर लूटे गए सामान को बरामद किया।

तीन पार्सल, मोबाइल और स्कूटी बरामद

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से लूटे गए तीन पार्सल, एक मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद हुई है।

पुलिस मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों बहनों ने वारदात को अंजाम देने की योजना कैसे बनाई थी और क्या इससे पहले भी उन्होंने इस तरह की किसी घटना को अंजाम दिया है।

मामले में बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

दोनों आरोपी सगी बहनें, करोल बाग की रहने वाली

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपी सगी बहनें हैं और करोल बाग की रहने वाली हैं।

पुलिस की जानकारी के अनुसार, नैंसी सिंह ने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है, लेकिन फिलहाल वह बेरोजगार है। वहीं, ग्रेसी सिंह ने 12वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी।

जांच एजेंसियां दोनों के पिछले रिकॉर्ड और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।

डिलीवरी बॉय के साथ लूट में अपनाया तरीका

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, दोनों बहनों ने घटना को अंजाम देने के लिए अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं।

पहली बहन ग्राहक बनकर डिलीवरी बॉय के पास पहुंची और पार्सल निकालने की कोशिश की। विरोध होने पर उसने मिर्च पाउडर का इस्तेमाल किया।

इसी दौरान दूसरी बहन स्कूटी लेकर पहुंची और डिलीवरी बॉय को टक्कर मारकर सड़क पर गिरा दिया। इसके बाद दोनों ने डिलीवरी बैग से पार्सल निकाले और वहां से भाग गईं।

घटना में डिलीवरी बॉय के पैर में चोट आई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

इस मामले में पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना तंत्र का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस ने दोनों संदिग्धों की पहचान करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया और कथित तौर पर लूटा गया सामान भी बरामद किया।

हालांकि, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

दिल्ली में लूट की घटनाओं पर फिर चर्चा

राजधानी दिल्ली में डिलीवरी कर्मचारियों को निशाना बनाकर की गई यह घटना एक बार फिर सड़क पर काम करने वाले डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को सामने लाती है। डिलीवरी कर्मचारी अक्सर अलग-अलग इलाकों में ग्राहकों तक सामान पहुंचाते हैं और इस दौरान उन्हें अनजान स्थानों तथा लोगों से सामना करना पड़ता है।

पुलिस मामले की जांच के साथ-साथ आरोपियों के कथित आपराधिक रिकॉर्ड और घटना की पूरी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।

इससे पहले टॉय पिस्टल से लूट का मामला

दिल्ली में इससे पहले भी लूट का एक अलग मामला सामने आया था, जिसमें आरोपियों ने कथित तौर पर टॉय लाइटर पिस्तौल का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की लूट को अंजाम दिया था।उस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। आरोपियों पर कथित तौर पर बंदूक जैसी दिखने वाली टॉय पिस्टल का इस्तेमाल कर वारदात करने का आरोप था।

 हालिया रोहिणी मामले में पुलिस ने दोनों बहनों को गिरफ्तार कर लिया है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि उन्होंने वारदात की योजना कैसे बनाई, लूटे गए पार्सल में क्या सामान था और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

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