नए साल पर दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। झंडेवालान, छतरपुर, कालकाजी, अक्षरधाम और बिड़ला मंदिर में 1 जनवरी को विशेष रौनक देखने को मिलती है। लोग साल की शुरुआत आस्था और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करने के लिए सुबह से ही दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
Delhi Famous Temples New Year: नए साल के मौके पर देश की राजधानी दिल्ली के प्रमुख मंदिर श्रद्धा का केंद्र बन जाते हैं। 1 जनवरी को झंडेवालान देवी मंदिर, छतरपुर स्थित मां कात्यायनी शक्तिपीठ, कालकाजी मंदिर, स्वामीनारायण अक्षरधाम और बिड़ला मंदिर में सुबह से देर शाम तक भक्तों की भीड़ रहती है। दिल्ली-एनसीआर और अन्य जगहों से आए श्रद्धालु साल की शुरुआत ईश्वर के आशीर्वाद के साथ करना चाहते हैं, इसी वजह से इन मंदिरों में विशेष पूजा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जाती है।
झंडेवालान और छतरपुर में दिखती है सुबह-सुबह रौनक
करोल बाग स्थित झंडेवालान देवी मंदिर नए साल पर सबसे ज्यादा भीड़ वाले मंदिरों में शामिल रहता है। 31 दिसंबर की रात से ही यहां श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है और मंगला आरती के समय माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं।
वहीं दक्षिण दिल्ली का छतरपुर स्थित श्री मां कात्यायनी शक्तिपीठ अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। नए साल पर यहां दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। विशाल परिसर होने के कारण भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश मार्ग बनाए जाते हैं, ताकि श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें।

कालकाजी और अक्षरधाम में आध्यात्मिक माहौल
नेहरू प्लेस स्थित कालकाजी मंदिर को मनोकामना सिद्धपीठ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि नए साल के दिन यहां दर्शन करने से साल भर सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसी विश्वास के चलते सुबह से देर शाम तक मंदिर परिसर में भक्तों की कतार लगी रहती है।
स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर नए साल पर आध्यात्मिकता और भव्यता का अनोखा संगम पेश करता है। यहां न सिर्फ श्रद्धालु बल्कि बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचते हैं। प्रदर्शनी, वाटर शो और शांत वातावरण लोगों को खासा आकर्षित करता है। हालांकि सुरक्षा कारणों से यहां मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं होती।
बिड़ला मंदिर और दर्शन से जुड़े जरूरी सुझाव
कनॉट प्लेस के पास स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर, जिसे बिड़ला मंदिर भी कहा जाता है, नए साल पर खास धार्मिक आयोजनों का केंद्र रहता है। भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित इस मंदिर में विशेष पूजा और कीर्तन का आयोजन होता है, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटक भी शामिल होते हैं।
श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी दर्शन की योजना बनाएं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट, खासकर दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है, क्योंकि मंदिरों के आसपास पार्किंग की समस्या आम होती है।











