झारखंड के देवघर में भोजपुरी और अंगिका के प्रसिद्ध लोकगायक सुनील छैला बिहारी की जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। गायक ने अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा जबरन काम कराए जाने का आरोप लगाते हुए देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) से शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कुंडा थाना पुलिस को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अब पुलिस की जांच और जमीन से संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार, सुनील छैला बिहारी ने देवघर जिले के ठाड़ीदुलमपुर मौजा में अपनी पत्नी अनीता सिंह के नाम पर जमीन खरीदी थी। गायक के आवेदन के मुताबिक, जमीन की खरीदारी 8 अक्टूबर 2008 को की गई थी। इसमें दो अलग-अलग भूखंड शामिल हैं। दोनों भूखंडों का रकबा 2500-2500 वर्गफीट बताया गया है। इस तरह कुल जमीन लगभग 5000 वर्गफीट है। गायक का आरोप है कि उनकी जमीन पर अब किसी दूसरे व्यक्ति की ओर से काम कराया जा रहा है और इसको लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
शिकायत के मुताबिक, जब सुनील छैला बिहारी अपनी जमीन पर काम कराने के उद्देश्य से पहुंचे, तो वहां एक व्यक्ति को कथित तौर पर जबरन निर्माण या अन्य कार्य कराते हुए देखा। गायक ने इस पर आपत्ति जताई और काम रोकने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। इसके बाद उन्होंने मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग करने का फैसला लिया। वह देवघर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे और एसडीओ को आवेदन देकर जमीन पर चल रहे काम को रोकने तथा पूरे प्रकरण की जांच कराने का अनुरोध किया।
गायक की शिकायत के बाद एसडीओ ने कुंडा थाना प्रभारी से मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। पुलिस अब शिकायत में बताए गए तथ्यों, जमीन के कागजात और मौके की स्थिति की जांच करेगी। जमीन किसके नाम पर दर्ज है, संबंधित भूखंडों की सीमाएं क्या हैं और वहां किस आधार पर काम कराया जा रहा है, इन बिंदुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों और जमीन से जुड़े अन्य दस्तावेजों का सत्यापन भी मामले को स्पष्ट करने में मदद कर सकता है।
जमीन से जुड़े विवादों में खरीद-बिक्री के दस्तावेज, रजिस्ट्री, खाता-प्लॉट का विवरण और वास्तविक कब्जे की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में केवल किसी पक्ष के दावे के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता। प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट किया जाना जरूरी होगा कि जमीन का वैध स्वामित्व किसके पास है और विवादित स्थल पर किए जा रहे काम की कानूनी स्थिति क्या है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई तय हो सकती है।
सुनील छैला बिहारी भोजपुरी और अंगिका लोकसंगीत के जाने-पहचाने नाम हैं। ऐसे में उनकी जमीन से जुड़ी शिकायत सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। हालांकि, फिलहाल यह मामला शिकायत और जांच के स्तर पर है। जमीन पर कब्जे के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दूसरे पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आने पर विवाद के सभी पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी। प्रशासन की ओर से पुलिस से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद अब जांच के नतीजों पर नजर रहेगी।










