फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज के बाद दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लीड रोल में रणवीर सिंह और अर्जुन रामपाल जैसे कलाकार हैं, लेकिन फिल्म का क्लाइमैक्स राकेश बेदी के किरदार ने पूरी कहानी का नया मोड़ ला दिया।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: फिल्म धुरंधर 2 में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, आर माधवन और संजय दत्त जैसे नामी कलाकारों के बीच टीवी और फिल्मों के दिग्गज राकेश बेदी भी नजर आए। अपने उम्दा अभिनय से राकेश बेदी दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ने में सफल रहे। फिल्म में उनकी मौजूदगी और शानदार प्रदर्शन के कारण ही उन्हें असली हुकुम का इक्का माना जा रहा है। यही वजह है कि अब फैंस उन्हें ही असली धुरंधर कहकर उनकी प्रशंसा कर रहे हैं।
राकेश बेदी ने निभाया जमील जमाली का किरदार
राकेश बेदी फिल्म में जमील जमाली नाम के पाकिस्तानी राजनेता की भूमिका में नजर आए। जमील का किरदार शुरुआत में एक करप्ट पॉलिटिशियन के रूप में पेश होता है, जो अपराधियों और राजनीतिक नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। फिल्म में हमजा उर्फ जसकीरत की पत्नी अलीना ही जमील की बेटी होती है। इसी के जरिए हमजा अपना जासूसी मिशन पूरा करता है।
बेदी ने इस किरदार को कभी मजाकिया तो कभी गंभीर तरीके से निभाया। पहले पार्ट में जमील का किरदार केवल एक साइड कैरेक्टर लगता था, लेकिन ‘धुरंधर 2’ में उसकी असली पहचान सामने आते ही दर्शक हैरान रह जाते हैं।

क्लाइमैक्स में खुला बड़ा राज
फिल्म के अंत में हमजा, मेज़र इकबाल से बदला लेकर पाकिस्तानी सेना के जाल से निकलकर भारत लौटता है। लेकिन उसे केवल एक बात का अफसोस होता है—वह बड़े साहब यानी दाउद इब्राहिम को नहीं मार पाता। क्लाइमैक्स में जमील जमाली हमजा को बताता है कि उसने लगभग 35 साल पहले बड़े साहब को धीमा जहर दे दिया था, जिसके कारण अब वह बिस्तर पर बीमार पड़ा है। इस खुलासे ने दर्शकों को चौंका दिया क्योंकि अब स्पष्ट होता है कि जमील ही असली ‘धुरंधर’ था।
जमील और हमजा का गहरा कनेक्शन
फिल्म में यह रहस्य इस तरह प्रस्तुत किया गया है कि दर्शक सोचने पर मजबूर हो जाते हैं—
- जमील और हमजा एक-दूसरे को पहले से क्यों जानते थे?
- जमील का भारत के साथ क्या गहरा नाता है?
- उसने यह मिशन क्यों 35 साल पहले पूरा किया था?
इन सवालों के जवाब फिल्म में धीरे-धीरे सामने आते हैं और यह दर्शाता है कि राकेश बेदी का किरदार कहानी का असली ‘पावर प्लेयर’ है। राकेश बेदी ने अपने किरदार में धुरंधर का प्रभाव, रहस्य और सस्पेंस इस तरह पेश किया कि फिल्म के क्लाइमैक्स में दर्शक पूरी तरह उनकी ओर आकर्षित हो जाते हैं। फिल्म का कथानक हमजा की कहानी के इर्द-गिर्द घूमता है, लेकिन अंत में जमील जमाली ही असली चालबाज साबित होता है।










