दिल्ली विधानसभा में BJP विधायक पूनम शर्मा ने राजधानी का नाम बदलकर महाभारतकालीन इंद्रप्रस्थ रखने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यह कदम राजधानी के ऐतिहासिक गौरव और सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करेगा। मुख्यमंत्री से प्रस्ताव केंद्र भेजने का आग्रह किया।
New Delhi: दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को वज़ीरपुर से भाजपा विधायक पूनम शर्मा ने राजधानी का नाम बदलकर महाभारतकालीन इंद्रप्रस्थ रखने की जोरदार मांग की। उन्होंने सदन में विशेष उल्लेख के माध्यम से कहा कि इस बदलाव से दिल्ली अपने गौरवशाली अतीत और सांस्कृतिक जड़ों से फिर जुड़ सकेगी। शर्मा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से आग्रह किया कि वह इस प्रस्ताव को विधानसभा में पारित कर केंद्र सरकार को भेजें।
विधायक ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजधानी का नाम बदलना देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगा। उनके अनुसार, दिल्ली का अतीत महाभारत काल से जुड़ा है और ऐतिहासिक प्रमाण इस बात को पुष्ट करते हैं कि इस शहर को पहले इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था। उनका मानना है कि नया नाम देश को एक महान सांस्कृतिक पहचान देगा और युवाओं को अपनी विरासत से जोड़ने में मदद करेगा।
इंद्रप्रस्थ नाम का महत्व
पूना शर्मा ने कहा कि इंद्रप्रस्थ नाम हमें उस युग की याद दिलाता है जब भारत स्वर्णपक्षी के नाम से प्रसिद्ध था। उनका मानना है कि राजधानी के आधुनिक स्वरूप के साथ-साथ इसे अपने सनातन धर्म और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक भी बनाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ एक नाम का बदलाव नहीं होगा, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करने की दिशा में बड़ा कदम होगा।
विधायक ने यह भी उल्लेख किया कि पहले भी इस तरह की मांग उठाई गई थी। चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की अपील की थी। शर्मा ने कहा कि इस कदम से न केवल राजधानी का गौरव बढ़ेगा, बल्कि देशवासियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी एहसास होगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को प्रस्ताव भेजने का आग्रह
शर्मा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से विशेष आग्रह किया कि वह इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएं और इसे केंद्र सरकार के पास भेजें। उनका मानना है कि इस बदलाव से दिल्ली की पहचान न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि राजधानी में आधुनिक बुनियादी ढांचा होना जरूरी है, लेकिन इसके साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महिमा को भी बनाए रखना चाहिए।

विधायक ने जोर देकर कहा कि इंद्रप्रस्थ नाम न केवल महाभारत काल से जुड़ा है बल्कि यह देशवासियों को उनके ऐतिहासिक गौरव की याद दिलाने का कार्य भी करेगा। उनका कहना था कि दिल्ली का नाम बदलना केवल प्रतीकात्मक नहीं होगा बल्कि यह सांस्कृतिक जागरूकता और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक बनेगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और विरोध
इस बीच विधानसभा में बीजेपी विधायक की इस मांग को लेकर हल्का विवाद भी देखने को मिला। कुछ विपक्षी सदस्यों ने कहा कि राजधानी का नाम बदलने का मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और इसे लेकर व्यापक विचार-विमर्श की जरूरत है। हालांकि पूनम शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए उठाया गया है।
विधायक ने सदन में यह भी कहा कि दिल्ली का गौरवशाली अतीत और इतिहास इसे इंद्रप्रस्थ नाम देने के लिए पर्याप्त कारण प्रदान करता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में मौजूद ऐतिहासिक स्थल और पुरातात्विक प्रमाण इस बात का संकेत देते हैं कि शहर का मूल नाम इंद्रप्रस्थ था और दिल्ली नाम बाद में पड़ा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का रुख
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का रुख फिलहाल स्पष्ट नहीं है। हालांकि विधायक पूनम शर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेंगी और इसे केंद्र सरकार तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करेंगी। उनका यह भी मानना है कि अगर केंद्र सरकार इसे मंजूरी देती है तो यह राजधानी के लिए एक नया सांस्कृतिक अध्याय होगा।
दिल्ली में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संदेश
पूना शर्मा का यह प्रस्ताव केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि यह एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संदेश देगा। दिल्ली जैसे महानगर में इतिहास और संस्कृति का संरक्षण जरूरी है। उनका मानना है कि जब देशवासियों को अपने शहर के ऐतिहासिक नाम और महत्त्व का ज्ञान होगा तो यह देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को भी बढ़ावा देगा।










