AI अल्फा स्कूल: 2 घंटे की क्लास और AI ट्यूटर, जानें कैसे काम करता है मॉडल

अमेरिका के AI अल्फा स्कूल में सिर्फ 2 घंटे पढ़ाई और AI ट्यूटर से ट्रेनिंग, ग्रेजुएशन तक कमाई की गारंटी। भारत में भी AI शिक्षा तेजी से फैल रही है।

AI अल्फा स्कूल अमेरिका का एक अनोखा स्कूल है, जहां पारंपरिक शिक्षकों की जगह AI ट्यूटर बच्चों को सिर्फ दो घंटे की पढ़ाई में मैथ्स, साइंस और लैंग्वेज सिखाते हैं। छात्रों को ग्रेजुएशन तक कमाई की गारंटी मिलती है और अगर लक्ष्य पूरा नहीं होता, तो फीस वापस। भारत में भी AI आधारित शिक्षा का विस्तार तेजी से हो रहा है।

AI Alpha School: अमेरिका के टेक्सास और अन्य शहरों में स्थित AI अल्फा स्कूल ने पारंपरिक शिक्षा मॉडल को चुनौती दी है। यहां छात्र सिर्फ दो घंटे पढ़ाई करते हैं और बाकी समय वास्तविक दुनिया के प्रोजेक्ट और व्यवसाय सेटअप सीखने में बिताते हैं। स्कूल AI ट्यूटर, चैटजीपीटी और कस्टम लर्निंग ऐप्स के जरिए छात्रों को ट्रेनिंग देता है। छात्रों को ग्रेजुएशन तक 1 मिलियन डॉलर कमाने की गारंटी है, या नहीं होने पर 40,000 डॉलर की ट्यूशन फीस वापस मिलती है। भारत में भी AI को स्कूलों में पढ़ाने का विस्तार हो रहा है, जिससे छात्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रहे हैं।

2 घंटे की पढ़ाई और AI ट्यूटर

अमेरिका का AI अल्फा स्कूल बच्चों को सिर्फ दो घंटे की पढ़ाई के जरिए तैयार करता है। यहां पारंपरिक शिक्षक नहीं हैं, बल्कि चैटजीपीटी, क्लाउड.AI और कस्टम लर्निंग ऐप्स के जरिए AI ट्यूटर छात्रों को मैथ्स, साइंस और लैंग्वेज में ट्रेनिंग देते हैं। बाकी समय बच्चे प्रोजेक्ट, बिजनेस सेटअप और वास्तविक दुनिया के स्किल्स सीखने में बिताते हैं। यह मॉडल निपुणता-आधारित लर्निंग पर काम करता है और छात्र तब तक आगे नहीं बढ़ते जब तक किसी कॉन्सेप्ट को पूरी तरह समझ नहीं लेते।

कमाई की गारंटी और फीस रिफंड

AI अल्फा स्कूल छात्रों को ग्रेजुएशन तक 1 मिलियन डॉलर कमाने की गारंटी देता है। अगर लक्ष्य पूरा नहीं होता, तो 40,000 डॉलर यानी लगभग 37 लाख रुपये की ट्यूशन फीस वापस मिलती है। स्कूल की फीस 10,000 डॉलर से 75,000 डॉलर के बीच है। यह मॉडल छात्रों को जोखिम-मुक्त करियर शुरुआत और वित्तीय सफलता का मौका देता है।

भारत में AI शिक्षा का बढ़ता प्रभाव

AI की लोकप्रियता के चलते भारत में भी कई स्कूलों में AI आधारित कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 1,000 से अधिक माध्यमिक स्कूलों में ‘AI For All’ कोर्स के तहत करीब 2 लाख छात्रों को 9वीं से 12वीं तक अलग-अलग ट्रेड में AI प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों को AI के प्रयोग में प्रवीण बनाना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।

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