दिव्या दत्ता ने ओटीटी और करियर ब्रेक पर खोले राज, कहा- 'कभी-कभी बोझ इतना होता है कि...'

Divya Dutta ने अपने करियर ब्रेक और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर काम करने के अनुभव को साझा किया। अभिनेत्री ने बताया कि कभी-कभी जिम्मेदारियों और मानसिक दबाव का बोझ

दिव्या दत्ता ने अपने अभिनय का जादू इस कदर लोगों के दिलों में छोड़ा है कि उनका नाम ही उनकी मेहनत को बयां कर देता है। वे वीर ज़ारा, दिल्ली 6 और भाग मिल्खा भाग जैसी फिल्मों में नजर आई हैं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री दिव्या दत्ता अपनी फिल्मों और अभिनय के अलावा अपने सटीक विचार और व्यक्तित्व के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली 2026 में शिरकत करते हुए उन्होंने अपनी फिल्मी यात्रा, ओटीटी की दुनिया और करियर ब्रेक के महत्व पर खुलकर बात की।

दिव्या ने बताया कि कैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म ने अभिनेत्रियों और नए कलाकारों के लिए अदाकारी को प्रमुखता देने में मदद की है। उन्होंने कहा, ओटीटी आज सभी कलाकारों को समान अवसर देता है। पहले इंडस्ट्री में कास्टिंग डायरेक्टर का कॉन्सेप्ट नहीं था। किसी भी किरदार के लिए हमेशा वही कलाकार होते थे—हीरो वही, विलन वही, कॉमेडियन वही। लेकिन हिरोइनों के किरदार बदल जाते थे। अब यह बदल गया है और हर भूमिका के लिए सही कलाकार चुनना प्राथमिकता बन गई है।

टीवी और छोटे रोल करने वाले कलाकारों के लिए नया दौर

दिव्या ने यह भी साझा किया कि एक समय ऐसा था जब टीवी कलाकार फिल्मों में नहीं आ सकते थे और छोटे रोल करने वाले बड़े रोल पाने से वंचित रहते थे। अब यह सीमा समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा,

'अगर आप किसी रोल के लिए उपयुक्त हैं और आपका प्रदर्शन अच्छा है, तो आपको वह मौका मिलेगा। इसका सबसे बड़ा श्रेय मैं दर्शकों को दूंगी, जिन्होंने इस बदलाव को स्वीकार किया और सही प्रतिभा को पहचानना शुरू किया।'

दिव्या के अनुसार, ओटीटी प्लेटफॉर्म ने लोकतांत्रिक दृष्टिकोण अपनाया है। यहाँ बड़े सितारे और नए कलाकार दोनों अपनी भूमिका के अनुसार मौके पाते हैं।ओटीटी पर कोई भी कलाकार अपने स्टारडम के कारण रोल नहीं पाता। हर किरदार उस कलाकार के लिए ही दिया जाता है, जो उसे निभाने के लिए सही है। दर्शक तय करते हैं कि कौन सफल होगा और कौन नहीं।

करियर ब्रेक का महत्व

दिव्या ने यह भी साझा किया कि लंबे करियर में ब्रेक लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी काम का बोझ इतना बढ़ जाता है कि मानसिक और शारीरिक रूप से आराम की आवश्यकता महसूस होती है। एक समय ऐसा आया जब मैंने पांच महीने का ब्रेक लिया। लोग मुझसे पूछते थे कि सब ठीक है? बाहर निकलना चाहिए। 

लेकिन जब आपकी कोई फिल्म अच्छी होती है और सफल होती है, तो सारी चिंताएं दूर हो जाती हैं। इस बात से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को प्राथमिकता देना किसी भी कलाकार के लिए आवश्यक है।

ओटीटी: स्टार्स और कहानी दोनों का मंच

दिव्या ने कहा कि ओटीटी आज बड़े स्टार्स से लेकर नए कलाकारों तक के लिए समान अवसरों का मंच बन गया है। यहां कलाकारों की पहचान उनके स्टारडम से नहीं बल्कि किरदार की जरूरत और उनके प्रदर्शन से होती है। अच्छी फिल्में और शो उसी समय सफल होते हैं, जब किरदार कलाकार के अनुसार सही हो। ओटीटी पर कोई जोर-जबरदस्ती नहीं होती। 

चाहे आप नए हों या जाने-माने सितारे, आपको उस शो में इसलिए जगह मिली है क्योंकि आप उस रोल से जुड़े हुए हैं। अन्यथा दर्शक तुरंत यह तय कर लेते हैं कि यह शो नहीं देखना है।

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