ED Action: झारखंड–बंगाल में अवैध कोयला नेटवर्क पर बड़ी छापेमारी, 20+ लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन

झारखंड और पश्चिम बंगाल में ईडी ने अवैध कोयला खनन और स्मगलिंग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की। दोनों राज्यों में 40+ ठिकानों पर छापे, भारी कैश बरामद

ED ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन और स्मगलिंग से जुड़े नेटवर्क पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की। दोनों राज्यों में 40 से अधिक स्थानों पर छापेमारी में कैश, दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद हुई। कई कारोबारियों पर जांच का दबाव बढ़ गया।

ED Action: झारखंड और पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोयला कारोबारियों और कथित कोयला माफियाओं पर एक साथ बड़ी छापेमारी शुरू की है। दोनों राज्यों में लगभग 20 से अधिक स्थानों पर की जा रही इस कार्रवाई ने कोयले से जुड़े कारोबारियों और नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है। यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े मामलों में ईडी की अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी में से एक बताई जा रही है।

अवैध कोयला खनन पर ईडी का सुपर एक्शन

ईडी ने शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल और झारखंड में लगभग 40 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। जिन जिलों में यह कार्रवाई की जा रही है, उनमें पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन जिलों को अवैध कोयला खनन और स्मगलिंग की गतिविधियों के बड़े केंद्र माने जाते हैं।

अधिकारियों के अनुसार, यह तलाशी अभियान उन मामलों से जुड़ा है जिनमें बड़े पैमाने पर अवैध खनन, कोयले की चोरी और अवैध परिवहन के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई थी।

कई बड़े कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर रेड

शुरुआती जानकारी के अनुसार, जिन लोगों के ठिकानों पर ईडी की टीमें एक्शन ले रही हैं, उनमें नरेंद्र खरका, अनिल गोयल, युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कयाल और कई अन्य नाम शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से अवैध कोयला गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

ईडी की टीमों ने बंगाल के कई जिलों में रेड के दौरान भारी मात्रा में कैश और जेवरात भी बरामद किए हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआती बरामदगी है और तलाशी के आगे बढ़ने पर और भी सामग्री मिलने की संभावना है।

झारखंड में 18 जगहों पर सर्च ऑपरेशन

ईडी की कार्रवाई केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है। झारखंड में भी 18 स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है। ये सभी स्थान कोयला चोरी और स्मगलिंग से जुड़े पुराने मामलों से संबंधित हैं, जिनमें कई बड़े कारोबारी और कथित माफिया शामिल हैं।

इन मामलों में अनिल गोयल, संजय उद्योग, एलबी सिंह और अमर मंडल जैसे नाम प्रमुख रूप से जुड़े बताए जाते हैं। माना जा रहा है कि इन लोगों के जरिए कोयले की अवैध सप्लाई का एक बड़ा नेटवर्क संचालित होता था।

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