ईरान का बड़ा एलान! होर्मुज जलडमरूमध्य खुलेगा, लेकिन अमेरिका के लिए रहेगा बंद, भारत समेत अन्य देशों के लिए बड़ी राहत

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोला, लेकिन अमेरिका के लिए बंद रखा। भारत और एशियाई देशों को राहत, अमेरिकी तेल व्यापार पर असर, वैश्विक तेल संकट पर निगाह।

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की घोषणा की, लेकिन अमेरिका के जहाजों के लिए मार्ग बंद रहेगा। भारत और अन्य एशियाई देशों को तेल आपूर्ति में राहत मिलेगी, जबकि अमेरिकी व्यापार पर दबाव बढ़ सकता है।

बिज़नेस न्यूज़: ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर बड़ी खबर आई है। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खोला जाएगा, लेकिन यह सुविधा अमेरिका के लिए नहीं होगी।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब होर्मुज बंद होने के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई थी और दुनियाभर में क्रूड ऑयल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। ईरान का यह बयान भारत समेत कई देशों के लिए राहत की खबर साबित हो सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में शामिल है। इसे वैश्विक ऊर्जा व्यापार और भू-राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। इस मार्ग से दुनिया भर में खपत होने वाले कुल कच्चे तेल का लगभग 20% से 30% हिस्सा गुजरता है। इसका मतलब है कि प्रतिदिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इसी मार्ग से होकर जाता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्व सिर्फ तेल तक सीमित नहीं है। यह गैस व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है। कतर जैसी देशीय LNG निर्यातक इसी रास्ते के जरिए विश्व के कई हिस्सों में गैस भेजते हैं। इस कारण इसे दुनिया के ऊर्जा व्यापार की “जीवन रेखा” कहा जाता है।

ईरान ने क्यों बंद किया था होर्मुज

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया था। इस बंदी के कारण तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं।

ईरान ने हालांकि कुछ देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कुछ देशों के तेल व्यापार को पूरी तरह नुकसान न पहुंचे। इसके बावजूद बंदी ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया और दुनिया भर में तेल व्यापार के लिए चिंता बढ़ा दी।

भारत समेत अन्य देशों के लिए राहत

ईरान का बड़ा एलान! होर्मुज जलडमरूमध्य खुलेगा, लेकिन अमेरिका के लिए रहेगा बंद, भारत समेत अन्य देशों के लिए बड़ी राहत

ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख ने अब कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खोला जाएगा। हालांकि यह खुलना अमेरिका के लिए नहीं होगा। भारत, चीन, जापान और अन्य एशियाई देशों के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि इन देशों का तेल और गैस का व्यापार इस मार्ग पर काफी निर्भर है।

विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज के खुलने से भारत को कच्चे तेल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी और ऊर्जा संकट से राहत मिल सकती है। इससे घरेलू ईंधन की कीमतों पर भी स्थिरता आएगी।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वैश्विक महत्व

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। मिडिल ईस्ट के बड़े तेल उत्पादक देशों—सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान—का अधिकांश तेल इसी मार्ग से एशिया और पश्चिमी देशों को जाता है।

इसके अलावा, LNG यानी प्राकृतिक गैस के व्यापार के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। दुनिया भर में जाने वाली लगभग 20% LNG इसी जलमार्ग से होकर गुजरती है। इस मार्ग की स्थिरता वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी है।

होर्मुज खोलने का क्या असर होगा

ईरान के इस एलान के बाद विश्व बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य होने की संभावना है। भारत और अन्य एशियाई देशों को तेल की निरंतर आपूर्ति मिल पाएगी और कीमतों में अत्यधिक उछाल का खतरा कम होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज के खुलने से तेल व्यापार की सप्लाई लाइन मजबूत होगी और तेल परिवहन के दौरान जोखिम कम होंगे। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।

हालांकि ईरान ने अमेरिका के लिए होर्मुज खोलने से इनकार कर दिया है। इसका सीधा असर अमेरिकी तेल और गैस व्यापार पर पड़ेगा। अमेरिका को अन्य मार्गों से तेल और गैस की आपूर्ति करनी पड़ सकती है, जिससे लागत बढ़ सकती है।

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