ईरान ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी कि किसी भी द्वीप पर हमला पूरे फारस की खाड़ी में जवाबी कार्रवाई को जन्म देगा। खाड़ी में जवाबी हमले से तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।
Iran: मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर एमबी ग़ालिबफ़र ने एक नई चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के किसी द्वीप पर हमला हुआ, तो पूरे फारस की खाड़ी में आक्रमणकारियों का खून बह जाएगा। ग़ालिबफ़र ने एक्स पर लिखा, "वतन या मौत! ईरानी द्वीपों की मिट्टी पर कोई भी आक्रमण सभी संयम तोड़ देगा। हम सभी संयम त्याग देंगे और आक्रमणकारियों के खून से फारस की खाड़ी को लाल कर देंगे। अमेरिकी सैनिकों का खून ट्रंप की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।"
इजरायल-अमेरिका के हमलों से ईरान का तनाव
ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर लगातार हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। ग़ालिबफ़र ने विशेष रूप से खार्ग द्वीप और अन्य ईरानी द्वीपों का उल्लेख किया और कहा कि किसी भी तरह के आक्रमण या कब्जे की कोशिश को ईरान बर्दाश्त नहीं करेगा। उनका कहना है कि यदि द्वीपों पर हमला हुआ, तो ईरान पूरी तरह बिना रोक-टोक जवाब देगा।
ईरान का खाड़ी में जवाबी हमला

ईरानी सेना ने खाड़ी क्षेत्र में अपने जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने बहरीन, UAE, सऊदी अरब और इराक के बंदरगाहों पर हमला बढ़ा दिया है। इस हमले की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में संकट पैदा हो गया है और तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। ईरान का कहना है कि उसके हमले रणनीतिक हैं और अमेरिका और उसके सहयोगियों के खतरों का जवाब हैं।
अमेरिकी प्रतिक्रिया और सुरक्षा परिषद
ट्रंप प्रशासन ने ईरान से "बिना शर्त आत्मसमर्पण" की मांग की है। अमेरिकी अधिकारियों के बीच अमेरिकी ग्राउंड ट्रूप्स की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान के हमलों को रोकने के लिए प्रस्ताव पारित किया, लेकिन ईरान ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इससे स्पष्ट है कि खाड़ी क्षेत्र में स्थिति तेजी से गंभीर हो रही है और भविष्य में संघर्ष और बढ़ सकता है।
वैश्विक तेल बाजार पर असर
ईरानी हमलों और खाड़ी में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। खाड़ी में होने वाले संघर्ष के कारण तेल परिवहन मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, इस संघर्ष से खतरे में है। यदि यह मार्ग अवरुद्ध हुआ, तो न सिर्फ तेल की कीमतें बढ़ेंगी बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ेगा।









