Election 2026: पांच राज्यों में चुनाव, BJP की चुनौती और विपक्ष की मजबूती पर रिपोर्ट

Election 2026: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव, BJP और विपक्ष की ताकत का होगा आकलन, शेड्यूल ECI आज घोषित करेगी।

पांच राज्यों – बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी – में विधानसभा चुनाव होंगे। BJP दक्षिण-पूर्व में विस्तार की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष राज्य में अपनी पकड़ बनाए रखने का प्रयास करेगा। मतदान और नतीजों की तारीख आज ECI घोषित करेगी।

New Delhi: भारत में अगले कुछ हफ्तों में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ये राज्य हैं पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी। इन पांचों जगहों पर कुल आबादी लगभग 20 करोड़ है, यानी देश की जनसंख्या का करीब 17-18 प्रतिशत। इन राज्यों से लोकसभा में कुल 116 सांसद चुने जाते हैं, जो संसद की 543 सीटों का करीब 21 प्रतिशत है। राज्यसभा में भी इन राज्यों के विधायक मिलकर 51 सदस्य चुनते हैं। इसका मतलब यह है कि इस चुनाव का नतीजा राष्ट्रीय राजनीति और संसद में पार्टियों की ताकत पर सीधे असर डालेगा।

आज चुनाव आयोग (ECI) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाम 4 बजे इन पांच राज्यों का पूरा चुनाव शेड्यूल घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही चरणवार मतदान और नतीजों की संभावित तारीखों का भी खुलासा होगा।

BJP के लिए क्यों खास है ये चुनाव

BJP और NDA वर्तमान में केंद्र में मजबूत स्थिति में हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद BJP ने दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में बड़ी जीत हासिल की थी। लेकिन इन पांच राज्यों में सिर्फ असम में ही NDA की सरकार है। असम में हिमंता बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री हैं, जबकि बाकी चार राज्यों में विपक्ष मजबूत है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की TMC, तमिलनाडु में एमके स्टालिन की DMK, केरल में पिनराई विजयन की LDF और पुडुचेरी में AINRC-BJP गठबंधन सत्ता में है।

BJP दक्षिण और पूर्वी भारत में अपना विस्तार करना चाहती है। तमिलनाडु और केरल में अब तक BJP को कभी सरकार नहीं मिली। पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC ने 215 सीटें जीती थीं, जबकि BJP को सिर्फ 77 सीटें मिली थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में BJP ने 303 सीटें जीती थीं, लेकिन ये सफलता पूरे देश में नहीं फैली।

BJP अब “डबल इंजन सरकार” का नारा दे रही है। पार्टी का मानना है कि जहां केंद्र और राज्य दोनों में गठबंधन नहीं है, वहां प्रधानमंत्री मोदी की योजनाएं जनता तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाती हैं। इसी वजह से BJP इस चुनाव को रणनीतिक रूप से अहम मान रही है।

विपक्ष के लिए भी चुनौती

वहीं विपक्ष के लिए भी ये चुनाव अस्तित्व की लड़ाई है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन चाहते हैं कि ये राज्य उनके लिए मजबूत बने रहें। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विपक्ष के लिए मुकाबला खासा कठिन है। असम में CAA और NRC जैसे संवेदनशील मुद्दे अभी भी जनता के बीच गर्म हैं।

पश्चिम बंगाल में TMC और BJP की टक्कर कड़ी है। यहां पिछले चुनावों में हिंसा और पोस्ट-पोल वायलेंस के आरोप लगे थे। तमिलनाडु में DMK और AIADMK की पुरानी जंग जारी है। BJP AIADMK के साथ गठबंधन में है, जबकि केरल में LDF तीसरी बार सत्ता बचाने की कोशिश कर रहा है। पुडुचेरी में छोटे आकार के बावजूद गठबंधन की राजनीति दिलचस्प बनी हुई है।

चुनाव आयोग की तैयारियाँ

चुनाव आयोग ने पिछले महीनों में सभी पांच राज्यों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। फरवरी में असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी, मार्च में केरल और पश्चिम बंगाल के दौरे हुए। इन दौरों में राजनीतिक दलों, पुलिस और प्रशासन से बैठकें की गईं। फोकस मुख्य रूप से मतदाता सूची सुधार, EVM-VVPAT की जांच, हिंसा रोकने और CAPF तैनाती पर रहा।

मतदाता सूची में सुधार की अंतिम तारीख आज खत्म हो रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस बार मतदान चरण कम हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, 2021 में पश्चिम बंगाल में 8 चरण थे, जबकि इस बार संभव है कि केवल 5-6 चरण रहें। मतदान अप्रैल-मई में होने की उम्मीद है और नतीजे मई की शुरुआत में आ सकते हैं।

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