नेशंस लीग में स्पेन ने वेम्बली में इंग्लैंड को 3-2 से हराया। लामिन यामाल ने शुरुआत में गोल किया, जबकि गॉर्डन और केन ने इंग्लैंड को बढ़त दिलाई। बैना और ओयारजाबाल ने दूसरे हाफ में गोल कर स्पेन को जीत दिलाई।
Eng vs Spain: इंग्लैंड का नेशंस लीग अभियान हार के साथ शुरू हुआ। वेम्बली स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में विश्व कप चैंपियन स्पेन ने इंग्लैंड को 3-2 से शिकस्त दी। इंग्लैंड ने पहले हाफ में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए बढ़त बनाई, लेकिन दूसरे हाफ में स्पेन ने लगातार दो गोल कर मैच अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ स्पेन का लगातार अजेय रहने का सिलसिला 39 मैचों तक पहुंच गया। इंग्लैंड के लिए मुकाबले में कई सकारात्मक पहलू रहे, लेकिन व्यक्तिगत गलतियों और मौके गंवाने का खामियाजा टीम को हार के रूप में भुगतना पड़ा।
स्पेन ने दो मिनट में बनाई बढ़त
मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन ने इंग्लैंड पर दबाव बनाया और दूसरे मिनट के अंदर बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड के डिफेंडर मार्क गेही की गलती का फायदा स्पेन के स्टार खिलाड़ी लामिन यामाल ने उठाया।
गेही गेंद लेकर दबाव से निकलने की कोशिश में मुश्किल स्थिति में फंस गए और गेंद यामाल के पास चली गई। यामाल ने मौका गंवाए बिना इंग्लैंड के गोलकीपर जेम्स ट्रैफर्ड को छकाते हुए गेंद गोल में पहुंचा दी।
ट्रैफर्ड इस मुकाबले में नियमित गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड की जगह खेल रहे थे। शुरुआती गोल के बाद स्पेन ने लगातार इंग्लैंड के डिफेंस को दबाव में रखा।
स्पेन के पास बढ़त बढ़ाने के कई मौके
पहला गोल करने के बाद स्पेन के पास अपनी बढ़त दोगुनी करने के कई मौके आए। फेरान टोरेस ने एक गोल किया, लेकिन ऑफसाइड के कारण उसे रद्द कर दिया गया।
इसके बाद टोरेस ने ट्रैफर्ड की परीक्षा ली, लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर ने शानदार बचाव करते हुए स्पेन को दूसरा गोल करने से रोक दिया। एक अन्य मौके पर टोरेस गोलकीपर को चकमा देने के बाद गेंद को लक्ष्य से बाहर मार बैठे। इन मौकों को गंवाना स्पेन के लिए महंगा साबित हुआ, क्योंकि इंग्लैंड ने मैच में वापसी कर ली।
गॉर्डन और केन ने पलटा मैच
इंग्लैंड ने जब खेल में अधिक सीधा और आक्रामक रवैया अपनाया तो उसे इसका फायदा मिला। 36वें मिनट में एंथनी गॉर्डन ने इंग्लैंड के लिए बराबरी का गोल कर दिया।
गॉर्डन ने जूड बेलिंगहैम के साथ पास का आदान-प्रदान किया और स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन को शांतचित्त फिनिश से मात दी। इस गोल ने इंग्लैंड में नया आत्मविश्वास पैदा किया।
इसके केवल चार मिनट बाद इंग्लैंड ने दूसरा गोल कर बढ़त हासिल कर ली। हैरी केन ने हेडर के जरिए गेंद को गोल की दिशा में भेजा, जो मार्क कुकुरेला से डिफ्लेक्ट होकर गोल में चली गई।
इस तरह शुरुआती 2-0 की स्थिति से इंग्लैंड ने हाफ टाइम से पहले 2-1 की बढ़त बना ली।
केन पेनल्टी से चूके
दूसरे हाफ की शुरुआत में इंग्लैंड के पास अपनी बढ़त मजबूत करने का शानदार मौका आया। 55वें मिनट में VAR हस्तक्षेप के बाद इंग्लैंड को पेनल्टी मिली।
स्पेन के रोड्री ने पेनल्टी क्षेत्र में जूड बेलिंगहैम को फाउल किया था। इसके बाद हैरी केन पेनल्टी लेने पहुंचे।
लेकिन इंग्लैंड के कप्तान से अप्रत्याशित गलती हुई। पेनल्टी लेते समय केन का पैर फिसला और उनका शॉट गेंद को दो बार छूने के बाद क्रॉसबार से टकरा गया। वह गेंद को गोल में नहीं पहुंचा सके।
यह मौका इंग्लैंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। अगर केन पेनल्टी को गोल में बदल देते तो टीम की बढ़त और मजबूत हो सकती थी।

बैना ने स्पेन की वापसी कराई
इंग्लैंड की इस गलती के कुछ मिनट बाद स्पेन ने बराबरी कर ली। 60वें मिनट के आसपास निको ओ'राइली ने गेंद पर नियंत्रण खो दिया।
स्पेन के स्थानापन्न खिलाड़ी एलेक्स बैना ने इस गलती का फायदा उठाया और बॉक्स के किनारे से निचला शॉट लगाकर गेंद को ट्रैफर्ड के गोल में पहुंचा दिया।
इस गोल के साथ स्कोर 2-2 हो गया और मुकाबला फिर से बराबरी पर आ गया।
स्पेन ने इसके बाद खेल पर अपना नियंत्रण मजबूत किया। इंग्लैंड के लिए शुरुआती बढ़त अब दबाव में बदल चुकी थी।
ओयारजाबाल ने दिलाई निर्णायक बढ़त
स्पेन ने मैच खत्म होने से 16 मिनट पहले निर्णायक गोल कर दिया। स्पेन ने एक शानदार और तेज पासिंग मूव तैयार किया, जिसे मिकेल ओयारजाबाल ने खूबसूरत अंदाज में पूरा किया।
ओयारजाबाल ने ट्रैफर्ड के ऊपर से नाजुक चिप फिनिश करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इसी गोल ने स्पेन को 3-2 की बढ़त दिलाई।
दिलचस्प बात यह है कि ओयारजाबाल ने ही यूरो 2024 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ विजयी गोल किया था। एक बार फिर इंग्लैंड के खिलाफ उनका गोल निर्णायक साबित हुआ।
इंग्लैंड ने अंतिम मिनटों में बराबरी की कोशिश की, लेकिन स्पेन ने अपनी बढ़त बरकरार रखी और मुकाबला 3-2 से जीत लिया।
गलतियों की कीमत चुकानी पड़ी
इंग्लैंड के लिए इस मुकाबले का सबसे बड़ा सबक व्यक्तिगत गलतियां रहीं। गेही की शुरुआती गलती से स्पेन को गोल मिला। इसके बाद केन पेनल्टी नहीं बदल सके और ओ'राइली की गेंद गंवाने की गलती से स्पेन ने बराबरी कर ली।
विश्व स्तरीय टीम के खिलाफ ऐसी गलतियां अक्सर महंगी साबित होती हैं। इंग्लैंड ने पहले हाफ में शानदार वापसी करके अपनी क्षमता दिखाई, लेकिन दूसरे हाफ में स्पेन ने दबाव और नियंत्रण दोनों अपने पक्ष में कर लिया।
थॉमस ट्यूशेल की टीम को अगले मुकाबलों में आक्रामकता बढ़ाने के साथ-साथ व्यक्तिगत गलतियों पर भी नियंत्रण रखना होगा।
गॉर्डन और बेलिंगहैम ने छोड़ी छाप
इंग्लैंड की हार के बावजूद एंथनी गॉर्डन टीम के प्रमुख सकारात्मक पहलुओं में रहे। उनका गोल तकनीकी रूप से शानदार था और उन्होंने पूरे मुकाबले में स्पेन के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा।
जूड बेलिंगहैम ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया। वह गोल के निर्माण में शामिल रहे और उनके खिलाफ फाउल के बाद इंग्लैंड को पेनल्टी भी मिली।
गोलकीपर जेम्स ट्रैफर्ड के प्रदर्शन में भी कई सकारात्मक बातें रहीं। उन्होंने पहले हाफ में फेरान टोरेस का एक महत्वपूर्ण शॉट रोककर इंग्लैंड को मैच में बनाए रखा।
स्पेन के तीनों गोलों में ट्रैफर्ड के पास बचाव का ज्यादा मौका नहीं था। ऐसे में नियमित गोलकीपर पिकफोर्ड की वापसी से पहले ट्रैफर्ड ने टीम में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए अपना दावा मजबूत किया।
अब चेक गणराज्य से भिड़ेगा इंग्लैंड
स्पेन से हार के बाद इंग्लैंड का अगला मुकाबला मंगलवार को चेक गणराज्य से होगा। यह मैच भारतीय समय के अनुसार नहीं, बल्कि स्थानीय कार्यक्रम के मुताबिक 19:45 BST पर निर्धारित है।
उधर, उसी समय स्पेन की टीम क्रोएशिया के खिलाफ मैदान में उतरेगी।
इंग्लैंड के लिए अगला मुकाबला महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि टीम को नेशंस लीग अभियान में पहली हार के बाद वापसी करनी होगी। स्पेन के खिलाफ प्रदर्शन ने टीम की आक्रामक क्षमता दिखाई, लेकिन परिणाम ने यह भी स्पष्ट किया कि शीर्ष स्तर के मुकाबलों में छोटी गलतियों की कीमत कितनी बड़ी हो सकती है।











