केंद्र सरकार ने राजस्थान, असम, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए नए एफआरआरओ नियुक्त किए हैं। इससे विदेशी नागरिकों के पंजीकरण, निवास और वीज़ा मामलों में प्रशासनिक प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
New Delhi: केंद्र सरकार ने राजस्थान, असम, चंडीगढ़ और हरियाणा के लिए नए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (एफआरआरओ) नियुक्त किए हैं। यह नियुक्ति बुधवार को जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से की गई। सरकारी आदेश में बताया गया कि चंडीगढ़ के लिए नियुक्त एफआरआरओ का कार्य क्षेत्र अब इस केंद्र शासित प्रदेश के साथ हरियाणा को भी शामिल करेगा। जयपुर के एफआरआरओ का कार्य क्षेत्र राजस्थान तक सीमित रहेगा, जबकि गुवाहाटी के लिए नियुक्त एफआरआरओ असम राज्य का प्रबंधन संभालेंगे।
नए एफआरआरओ नियुक्तियों का महत्व
इन नियुक्तियों का उद्देश्य विदेशी नागरिकों के पंजीकरण और उनके निवास से जुड़े मामलों को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना है। इससे पहले, दिल्ली के लिए नियुक्त एफआरआरओ राजस्थान और हरियाणा को कवर करते थे, वहीं अमृतसर के एफआरआरओ के कार्य क्षेत्र में चंडीगढ़ आता था। इसके अलावा, असम राज्य का प्रबंधन कोलकाता के एफआरआरओ के क्षेत्र में आता था। नई नियुक्तियों के साथ इन क्षेत्रों का प्रबंधन अब नजदीकी एफआरआरओ द्वारा सीधे किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विदेशी नागरिकों के पंजीकरण से जुड़े मामलों में सुविधा होगी।
एफआरआरओ का कार्य क्षेत्र और जिम्मेदारी
एफआरआरओ का मुख्य काम विदेशी नागरिकों के वीज़ा और पासपोर्ट से जुड़े मामलों को प्रबंधित करना है। इसमें वीज़ा की अवधि बढ़ाना, विदेशी नागरिकों के पंजीकरण का नवीनीकरण, निवास प्रमाण पत्र जारी करना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना शामिल है। नए अधिनियम, विदेशी अधिनियम 2025, के तहत एफआरआरओ को अधिक अधिकार और कड़ी कार्रवाई का अधिकार मिला है। यह अधिनियम इस वर्ष एक सितंबर से लागू हुआ है और इसमें जाली पासपोर्ट या वीज़ा रखने वाले विदेशियों के लिए सख्त दंड का प्रावधान किया गया है।

नए एफआरआरओ नियुक्त होने के बाद इन अधिकारियों के पास अब यह अधिकार होगा कि वे विदेशी नागरिकों के नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई करें। इससे विदेशियों के पंजीकरण और निवास की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और सुरक्षा मानकों में सुधार होगा।
चंडीगढ़ और हरियाणा का कार्य क्षेत्र
चंडीगढ़ के लिए नियुक्त एफआरआरओ अब इस केंद्र शासित प्रदेश के साथ हरियाणा की निगरानी भी करेंगे। इससे पहले यह क्षेत्र दिल्ली और अमृतसर के एफआरआरओ के अधीन था। नई व्यवस्था के तहत एफआरआरओ अधिक करीबी दृष्टि से इन दोनों क्षेत्रों में रहने वाले विदेशी नागरिकों के पंजीकरण और नियमों के पालन की निगरानी कर पाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इससे विदेशी नागरिकों के लिए सेवा प्राप्त करना और भी सरल और त्वरित हो जाएगा।
जयपुर और गुवाहाटी के एफआरआरओ
जयपुर में नियुक्त एफआरआरओ अब राजस्थान राज्य का कार्य क्षेत्र संभालेंगे। इसके तहत राज्य के सभी विदेशी नागरिकों के पंजीकरण और वीज़ा संबंधित मामलों की जिम्मेदारी एफआरआरओ के पास होगी। इसी तरह, गुवाहाटी में नियुक्त एफआरआरओ असम राज्य का संचालन करेंगे। इससे राज्य में विदेशी नागरिकों के पंजीकरण प्रक्रिया में और स्पष्टता आएगी और नियमों का उल्लंघन कम होगा। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम विदेशियों की सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है।
विदेशी अधिनियम 2025 और कड़ी कार्रवाई
विदेशी अधिनियम 2025 में जाली पासपोर्ट या वीज़ा रखने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। नए एफआरआरओ के पास अब यह अधिकार है कि वे नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई करें। इसके तहत विदेशियों की पहचान, पंजीकरण और निवास की जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। अधिकारियों ने कहा कि इससे कानून और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और विदेशी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित होगी।
नए अधिनियम में एफआरआरओ को यह भी अधिकार है कि वे विदेशी नागरिकों के निवास और वीज़ा से जुड़े मामलों में सुधार और निगरानी करें। इससे विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा और किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।











