एशियाई खेलों की भारतीय शॉटगन टीम से बाहर हुए शीर्ष ट्रैप निशानेबाज जोरावर सिंह, चयन नीति पर उठे सवाल

भारत के शीर्ष ट्रैप निशानेबाज जोरावर सिंह को एशियाई खेलों की भारतीय शॉटगन टीम में जगह नहीं मिली है। इस फैसले के बाद चयन नीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जानिए

एशिया में नंबर एक और विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर मौजूद ट्रैप निशानेबाज Joravar Singh Sandhu को इस वर्ष के अंत में होने वाले Asian Games के लिए भारत की संभावित शॉटगन टीम में शामिल नहीं किया गया है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत की शूटिंग टीम चयन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां एशिया के नंबर एक ट्रैप निशानेबाज Zoravar Singh Sandhu को आगामी एशियाई खेलों की संभावित टीम से बाहर कर दिया गया है। यह फैसला तब सामने आया है जब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं और विश्व रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।

इस चयन प्रक्रिया ने भारतीय निशानेबाजी जगत में बहस छेड़ दी है, जबकि चयन समिति ने इसे तय नीति और घरेलू ट्रायल्स के आधार पर लिया गया निर्णय बताया है।

चयन नीति के तहत टीम का गठन

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ National Rifle Association of India (NRAI) ने स्पष्ट किया है कि एशियाई खेलों के लिए चयन पूरी तरह तय और पहले से घोषित नीति के अनुसार किया गया है। एनआरएआई के महासचिव Pawan Kumar Singh ने कहा कि पुरुष ट्रैप टीम में किसी भी बदलाव की संभावना लगभग समाप्त हो चुकी है। उनके अनुसार, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्थिरता बनाए रखने के लिए तय नियमों का सख्ती से पालन किया गया है।

संभावित टीम में Kynan Chenai, Awhar Rizvi और Shapath Bharadwaj को शामिल किया गया है, जो आगामी एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

घरेलू ट्रायल्स में प्रदर्शन बना निर्णायक कारण

सूत्रों के अनुसार, जोरावर सिंह का घरेलू राष्ट्रीय चैंपियनशिप और चयन ट्रायल्स में प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा, जो उनके चयन से बाहर होने का मुख्य कारण बना। जबकि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है, चयन प्रणाली में घरेलू ट्रायल्स को प्राथमिक आधार माना गया। दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की तैयारी के बावजूद खिलाड़ियों के लिए इन ट्रायल्स में भाग लेना अनिवार्य था, जिसके कारण कई शीर्ष निशानेबाजों के प्रदर्शन पर असर पड़ा।

जोरावर सिंह ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय ट्रैप शूटिंग में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने पिछले वर्ष एथेंस में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था और भारत के चुनिंदा पदक विजेताओं में शामिल हो गए थे। इसके अलावा, वे विश्व कप फाइनल्स में भी पदक दौर तक पहुंचे और कई बार शीर्ष-10 में स्थान बनाए रखा। 

हाल ही में कजाकिस्तान में आयोजित विश्व कप में भी उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ स्कोर दर्ज किया।उनकी वर्तमान विश्व रैंकिंग छठे स्थान के आसपास बनी हुई है, जबकि कुछ समय पहले वे चौथे स्थान तक पहुंच चुके थे।

चयन पर पुनर्विचार की मांग

जोरावर सिंह ने भारतीय चयन समिति से अपने मामले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि पिछले छह महीनों में उनका अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन भारत के अन्य ट्रैप निशानेबाजों की तुलना में बेहतर रहा है। उन्होंने कहा कि चयन केवल एक प्रतियोगिता या ट्रायल पर आधारित नहीं होना चाहिए, बल्कि खिलाड़ी की समग्र फॉर्म और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अंतिम निर्णय चयन समिति का होगा और वे किसी भी फैसले को स्वीकार करेंगे।

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