eSIM को लेकर बड़ा खुलासा, लोग अब भी फिजिकल सिम पसंद कर रहे हैं

रिपोर्ट के मुताबिक eSIM का इस्तेमाल उम्मीद से कम है। दक्षिण कोरिया में 5% और अमेरिका में 38% यूजर्स इसे इस्तेमाल कर रहे हैं, फिजिकल सिम अभी भी लोकप्रिय है।

ताजा डेटा के अनुसार eSIM को लेकर वैश्विक अपनाने की रफ्तार धीमी है। दक्षिण कोरिया में केवल 5% यूजर्स ही eSIM इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि अमेरिका में यह 38% है। जागरूकता की कमी और फिजिकल सिम की पसंद बड़ी वजह है।

Tech Update: eSIM को लेकर दुनियाभर में उम्मीदों के बावजूद इसका उपयोग अपेक्षाकृत धीमा बना हुआ है। दक्षिण कोरिया में सिर्फ 5% मोबाइल यूजर्स ही eSIM का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 38% है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी बड़ी वजह जागरूकता की कमी और फिजिकल सिम पर निर्भरता है। GSMA के अनुमान के बावजूद 2028 तक eSIM का 50% हिस्सा हासिल करना चुनौतीपूर्ण दिख रहा है।

eSIM का इस्तेमाल उम्मीद से धीमा, कई देशों में यूजर्स अब भी फिजिकल सिम को दे रहे प्राथमिकता

eSIM को लेकर बड़ा खुलासा, लोग अब भी फिजिकल सिम पसंद कर रहे हैं

हाल के आंकड़ों से यह साफ होता है कि eSIM तकनीक को लेकर जितनी उम्मीदें थीं, उतनी तेजी से इसका अपनाया जाना नहीं हो रहा है। कई देशों में यूजर्स अब भी फिजिकल सिम को ज्यादा सुरक्षित और आसान विकल्प मानते हैं, जिसके चलते eSIM का विस्तार अपेक्षा से धीमा चल रहा है।

दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के डेटा बताते हैं कि जागरूकता की कमी और आदतों के कारण लोग बदलाव से बच रहे हैं। वहीं तकनीकी फायदे होने के बावजूद eSIM को लेकर उपयोगकर्ताओं का रुझान सीमित बना हुआ है।

दक्षिण कोरिया में सिर्फ 5% यूजर्स कर रहे eSIM का इस्तेमाल

एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया में केवल करीब 5% मोबाइल यूजर्स ही eSIM का उपयोग कर रहे हैं। देश में लगभग 5.7 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं, जिनमें से करीब 30 लाख लोग ही eSIM पर शिफ्ट हुए हैं।

हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी बड़ी वजह हाल ही में हुए नेटवर्क से जुड़े विवाद भी रहे, जिनके बाद कुछ लोगों ने मजबूरी में eSIM अपनाया।

अमेरिका और ब्रिटेन में स्थिति थोड़ी बेहतर, लेकिन कारण अलग

अमेरिका में करीब 38% यूजर्स eSIM का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इसकी वजह तकनीकी पसंद नहीं बल्कि स्मार्टफोन कंपनियों की रणनीति है। वहां कई नए फोन केवल eSIM सपोर्ट के साथ आते हैं, जिससे यूजर्स के पास विकल्प सीमित हो जाता है।

ब्रिटेन में भी स्थिति मिली-जुली है, जहां बड़ी संख्या में लोग या तो eSIM के बारे में अनजान हैं या यह नहीं जानते कि उनका फोन इसे सपोर्ट करता है या नहीं।

उम्मीदें बनाम हकीकत

GSMA की 2024 रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि 2028 तक लगभग 50% नए मोबाइल कनेक्शन eSIM आधारित होंगे और 2030 तक यह आंकड़ा 88% तक पहुंच सकता है। लेकिन मौजूदा रुझान बताते हैं कि यह लक्ष्य हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक जागरूकता और सुविधा दोनों में सुधार नहीं होता, तब तक eSIM का व्यापक उपयोग धीमा ही रहेगा।

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