Aryna Sabalenka, जो वर्तमान में दुनिया की शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ियों में शामिल हैं, ने मंगलवार को ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स की पुरस्कार राशि को लेकर बड़ा बयान दिया है। चार बार ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकी सबालेंका का कहना है कि खिलाड़ी इन बड़े टूर्नामेंटों से मिलने वाली प्राइज मनी में ज्यादा हिस्सेदारी के हकदार हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: टेनिस जगत के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में शामिल French Open एक बार फिर खिलाड़ियों और आयोजकों के बीच विवाद का केंद्र बन गया है। इस बार मुद्दा टूर्नामेंट की पुरस्कार राशि और खिलाड़ियों की हिस्सेदारी को लेकर है। हाल ही में टूर्नामेंट आयोजकों ने पुरस्कार राशि में 9.5 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन शीर्ष खिलाड़ियों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए असंतोष जताया है।
सबालेंका का कड़ा रुख: “बहिष्कार तक की बात”
दुनिया की नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी Aryna Sabalenka ने इस मुद्दे पर बेहद सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के बिना किसी भी टूर्नामेंट का कोई अस्तित्व नहीं है और वे ही असली एंटरटेनमेंट प्रदान करते हैं। सबालेंका के अनुसार, खिलाड़ियों को वर्तमान में मिलने वाली हिस्सेदारी उनके योगदान के मुकाबले काफी कम है।
उन्होंने यहां तक कहा कि यदि स्थिति नहीं बदली तो खिलाड़ी सामूहिक रूप से बहिष्कार जैसे कदम पर भी विचार कर सकते हैं। उनके अनुसार, यह अपने अधिकारों के लिए लड़ाई का अंतिम विकल्प हो सकता है।
स्वियातेक की संतुलित प्रतिक्रिया
चार बार की ग्रैंड स्लैम विजेता और फ्रेंच ओपन की पूर्व चैंपियन Iga Swiatek ने इस मुद्दे पर अधिक संतुलित रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि बहिष्कार जैसा कदम जल्दबाजी में लिया गया निर्णय होगा। स्वियातेक के अनुसार, खिलाड़ियों और टेनिस गवर्निंग बॉडीज के बीच बेहतर संवाद और बातचीत ही समाधान का सही रास्ता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि फ्रेंच ओपन से पहले इस मुद्दे पर बैठक हो सकती है, जिससे कोई ठोस समाधान निकाला जा सके।
खिलाड़ियों की मुख्य मांगें क्या हैं?

पिछले कुछ समय से शीर्ष टेनिस खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम आयोजकों के सामने कई मांगें रख रहे हैं:
- पुरस्कार राशि में अधिक हिस्सेदारी
- खिलाड़ियों के कल्याण के लिए अतिरिक्त फंड
- संन्यास और मातृत्व से जुड़े बेहतर प्रावधान
- टूर्नामेंट राजस्व में अधिक पारदर्शिता
रिपोर्ट्स के अनुसार, खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट राजस्व में लगभग 22 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की है, ताकि ग्रैंड स्लैम और अन्य प्रमुख टूर इवेंट्स के बीच संतुलन स्थापित हो सके।
फ्रेंच ओपन की कमाई और असंतोष
आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष French Open ने लगभग 395 मिलियन यूरो का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत अधिक था। इसके बावजूद, कुल पुरस्कार राशि में केवल 5.4 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे खिलाड़ियों का राजस्व हिस्सा घटकर लगभग 14.3 प्रतिशत रह गया है। खिलाड़ियों का तर्क है कि जब टूर्नामेंट की कमाई बढ़ रही है, तो उनका हिस्सा भी उसी अनुपात में बढ़ना चाहिए।
यह विवाद केवल फ्रेंच ओपन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी ग्रैंड स्लैम प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। खिलाड़ी लंबे समय से यह तर्क दे रहे हैं कि चारों प्रमुख टूर्नामेंटों को अपने राजस्व मॉडल में बदलाव करना चाहिए। ग्रैंड स्लैम इवेंट्स दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टेनिस टूर्नामेंट हैं, लेकिन खिलाड़ियों के अनुसार, उनका आर्थिक योगदान अपेक्षाकृत कम आंका जाता है।









