मध्यप्रदेश में आयोजित कॉन्फ्रेंस में एक्सपर्ट्स ने बताया कि शहर पेट हेल्थ केयर हब बन रहा है। यहां वर्ल्ड क्लास इलाज, एडवांस जांच, सर्जरी सुविधाएं उपलब्ध हैं, साथ ही सही डाइट और वैक्सीनेशन पर जोर दिया गया।
इंदौर: प्रदेश के Indore में आयोजित Federation of Small Animal Practitioners Association of India (FSAPAI) की 17वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत में पालतू जानवरों के स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में देश-विदेश के पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया और आधुनिक तकनीकों, उपचार पद्धतियों तथा जागरूकता पर चर्चा की।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंदौर अब पेट हेल्थ केयर के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां विश्वस्तरीय सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध हैं।
वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं से लैस हो रहा शहर
वेटनरी एक्सपर्ट्स के अनुसार, इंदौर में अब ऐसे कई प्राइवेट पशु अस्पताल मौजूद हैं, जहां 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं, एडमिशन और क्रिटिकल केयर उपलब्ध है। पहले गंभीर हालत वाले पालतू जानवरों को भर्ती करना चुनौतीपूर्ण होता था, लेकिन अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो चुकी है।
इसके साथ ही एम्बुलेंस सेवाएं और विशेष देखभाल यूनिट्स भी उपलब्ध हैं, जो आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करती हैं। यह बदलाव शहर को पेट हेल्थ केयर के क्षेत्र में एक नया आयाम दे रहा है।
एडवांस डायग्नोस्टिक तकनीकों से बेहतर इलाज
इंदौर में अब अत्याधुनिक जांच तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे बीमारियों का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है। इनमें प्रमुख हैं:
- बायोमार्कर टेस्ट: संभावित बीमारियों के शुरुआती संकेत पहचानने में मदद करता है
- PCR टेस्ट: संक्रमण की सटीक और तेज पहचान के लिए उपयोगी
- इकोकार्डियोग्राफी: हृदय संबंधी समस्याओं की उन्नत जांच
इन तकनीकों की मदद से समय पर उपचार शुरू किया जा सकता है, जिससे पालतू जानवरों की रिकवरी दर में सुधार होता है।
जटिल सर्जरी अब स्थानीय स्तर पर संभव
विशेषज्ञों के मुताबिक, अब इंदौर में ही कई जटिल सर्जरी की जा रही हैं, जिनके लिए पहले बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इनमें शामिल हैं:
- बड़े ट्यूमर की सर्जरी
- ओवरी स्पे और कास्ट्रेशन
- ऑर्थोपेडिक सर्जरी (फ्रैक्चर और जॉइंट संबंधित)
- आंखों की सर्जरी जैसे कॉर्निया ऑपरेशन
इससे पालतू जानवरों के मालिकों को समय और खर्च दोनों में राहत मिल रही है।

आधुनिक मेडिकल सुविधाओं का विस्तार
कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि इंदौर में अब पेट्स के लिए डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासोनोग्राफी, सीटी स्कैन, इकोकार्डियोग्राफी और डायलिसिस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ये सुविधाएं पहले केवल मेट्रो शहरों तक सीमित थीं।
पशु चिकित्सा क्षेत्र में यह तकनीकी उन्नति न केवल इलाज की गुणवत्ता बढ़ा रही है, बल्कि गंभीर मामलों में जीवन बचाने की संभावना भी बढ़ा रही है।
प्रिस्क्राइब्ड डाइट” का बढ़ता महत्व
वेटनरी विशेषज्ञों ने बताया कि अब “प्रिस्क्राइब्ड डाइट” का चलन तेजी से बढ़ रहा है। यह विशेष प्रकार का आहार होता है, जो पालतू जानवरों की बीमारी के अनुसार तैयार किया जाता है।
- उदाहरण के लिए:
- मोटापे के लिए विशेष डाइट
- किडनी रोग के लिए रीनल डाइट
- पाचन समस्याओं के लिए संतुलित फूड
इन डाइट्स में आवश्यक पोषक तत्व और औषधीय गुण होते हैं, जिससे दवाओं पर निर्भरता कम हो जाती है और लंबे समय तक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
गलत खानपान से बढ़ रही बीमारियां
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि पालतू जानवरों को कच्चा मांस खिलाना जोखिम भरा हो सकता है। बाजार से खरीदा गया मांस हमेशा सुरक्षित या संक्रमण-मुक्त नहीं होता, जिससे पैरासाइट्स और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा, हड्डियों के टुकड़े निगलने से “फॉरेन बॉडी” की समस्या हो सकती है, जो गंभीर स्थिति में सर्जरी तक ले जा सकती है। इसके विपरीत, प्रोसेस्ड और टेस्टेड पेट फूड गुणवत्ता मानकों से गुजरता है और अधिक सुरक्षित होता है।
पालतू जानवरों की देखभाल के लिए विशेषज्ञों के सुझाव
विशेषज्ञों ने पालतू जानवरों की बेहतर देखभाल के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
- पालतू जानवरों को मानव भोजन न दें
- उन्हें परिवार का सदस्य मानकर देखभाल करें
- 6 महीने तक दिन में 3 बार, उसके बाद 2 बार संतुलित भोजन दें
- अंगूर, चॉकलेट, टमाटर और बीज वाली सब्जियां न खिलाएं
- पार्वो और डिस्टेम्पर जैसे टीके समय पर लगवाएं
- डॉग या कैट पर परफ्यूम या रंग का उपयोग न करें
- बालों को अत्यधिक छोटा न कटवाएं
विदेशी नस्ल पालने से पहले उनकी जरूरतों को समझें
- 3 महीने की उम्र से बेसिक ट्रेनिंग शुरू करें
- फ्लैट में बिल्ली रखने पर सुरक्षा के लिए जाली लगाएं










