Gen-Z में बढ़ी AI की चिंता, अमेरिका में 55% युवा नौकरी और भविष्य को लेकर परेशान

Pew Research Center के सर्वे में अमेरिका के 18-29 साल के 55% युवाओं ने AI को लेकर उत्साह से ज्यादा चिंता जताई। नौकरी और भविष्य सबसे बड़ी चिंता हैं।

अमेरिका में Gen-Z के बीच AI को लेकर चिंता बढ़ रही है। Pew Research Center के सर्वे में 18 से 29 वर्ष के 55% युवाओं ने उत्साह से ज्यादा चिंता जताई। नौकरी पर असर और भविष्य की अनिश्चितता इसकी प्रमुख वजह है।

AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच अमेरिका के युवा इसके भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। Pew Research Center के हालिया सर्वे में 18 से 29 वर्ष के 55% लोगों ने AI को लेकर उत्साह से ज्यादा चिंता जताई। युवाओं की सबसे बड़ी चिंता नौकरी के अवसरों पर संभावित असर को लेकर है, जबकि AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल भी इसी आयु वर्ग में तेजी से बढ़ रहा है।

Gen-Z में AI को लेकर बढ़ी चिंता

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर टेक कंपनियां भले ही इसके संभावित फायदों और नई संभावनाओं पर जोर दे रही हों, लेकिन अमेरिका के युवाओं में इसे लेकर तस्वीर अलग दिखाई दे रही है। Pew Research Center के हालिया सर्वे में 18 से 29 वर्ष की उम्र के 55 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे AI को लेकर उत्साहित होने के बजाय ज्यादा चिंतित हैं।

यह आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों में चिंता बढ़ने का संकेत देता है। 2021 में 31 प्रतिशत युवाओं ने AI को लेकर चिंता जताई थी, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 39 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं, सर्वे में सिर्फ 11 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि वे AI को लेकर चिंता की तुलना में ज्यादा उत्साहित हैं।

खास बात यह है कि Gen-Z उन आयु वर्गों में शामिल है, जो AI चैटबॉट्स और दूसरे AI टूल्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। यानी जिन युवाओं की रोजमर्रा की पढ़ाई, काम और डिजिटल गतिविधियों में AI की मौजूदगी बढ़ रही है, उनमें इसके संभावित प्रभावों को लेकर आशंका भी बढ़ रही है।

नौकरी जाने का डर सबसे बड़ी चिंता

AI को लेकर युवाओं की चिंता का एक बड़ा कारण रोजगार का भविष्य है। Pew Research Center के सर्वे में 30 वर्ष से कम उम्र के 73 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें लगता है कि अगले 20 वर्षों में AI के कारण नौकरियों की संख्या कम हो सकती है।

2024 में यही राय रखने वाले युवाओं का आंकड़ा 61 प्रतिशत था। यानी एक साल के अंतराल में इस आशंका में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। अमेरिका के कुल युवाओं में भी 71 प्रतिशत लोग मानते हैं कि AI आने वाले वर्षों में नौकरियों की संख्या घटा सकता है।

AI के तेजी से ऑटोमेशन और कंटेंट निर्माण से लेकर डेटा विश्लेषण और ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल ने रोजगार को लेकर बहस को और तेज किया है। युवाओं के लिए यह चिंता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनका करियर और पेशेवर जीवन अभी शुरुआती दौर में है।

AI का इस्तेमाल बढ़ा, लेकिन भरोसा घटा

AI को लेकर बढ़ती चिंता और इसके बढ़ते इस्तेमाल के बीच एक दिलचस्प विरोधाभास भी सामने आया है। युवा AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल पढ़ाई, जानकारी हासिल करने, लेखन और रोजमर्रा के कई कामों के लिए कर रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही वे इसके लंबे समय के प्रभाव को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।

चिंता केवल नौकरी तक सीमित नहीं है। युवाओं के बीच यह सवाल भी बढ़ रहा है कि AI उनके करियर, शिक्षा और भविष्य के अवसरों को किस तरह प्रभावित करेगा। AI जितनी तेजी से नए क्षेत्रों में प्रवेश कर रहा है, उतनी ही तेजी से इससे जुड़े जोखिमों और सीमाओं पर चर्चा भी बढ़ रही है।

युवाओं के मूड में भी दिख रहा बदलाव

AI को लेकर बदलती धारणा का असर युवाओं के व्यापक मूड में भी दिखाई देने की बात रिपोर्ट में सामने आती है। Gallup के आंकड़ों के अनुसार, 2025 के बाद Gen-Z के उत्साह में 14 पॉइंट की गिरावट दर्ज हुई, जबकि गुस्सा 9 पॉइंट बढ़ा।

यूरोपीय आयोग, International Labour Organization और Opeepl Youth Pulse से जुड़े आंकड़े भी युवाओं के बीच भविष्य को लेकर बढ़ती चिंता की ओर संकेत करते हैं।

टेक्नोलॉजी के साथ बढ़ रही भविष्य की चिंता

AI को भविष्य की अर्थव्यवस्था और कामकाज में बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है। हालांकि, युवाओं के बीच बढ़ती चिंता यह बताती है कि वे इसके अवसरों के साथ संभावित जोखिमों को भी गंभीरता से देख रहे हैं।

खासकर नौकरी और करियर पर प्रभाव को लेकर बढ़ती आशंका टेक कंपनियों, शिक्षण संस्थानों और नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। आने वाले वर्षों में AI के विस्तार के साथ यह देखना अहम होगा कि नई तकनीक कितनी नौकरियां पैदा करती है और मौजूदा रोजगार पर उसका वास्तविक प्रभाव कितना पड़ता है।

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