सोमवार रात करीब दो बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से नोएडा की ओर जा रही लेन में घने कोहरे के बीच तेज रफ्तार से चल रहे कई वाहन आपस में टकरा गए। हादसे के बाद सात बसों और दो कारों में भीषण आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे पर सोमवार देर रात घने कोहरे के कारण एक भीषण सड़क हादसा हो गया। आगरा से नोएडा की ओर जा रहे कई वाहन आपस में टकरा गए, जिसके बाद सात बसों और दो कारों में आग लग गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में चार लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 27 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
यह हादसा सोमवार रात लगभग दो बजे मथुरा जिले के बलदेव थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव खड़ेहरा के पास माइल स्टोन संख्या 125 पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासन के अनुसार, हादसे के समय इलाके में अत्यधिक घना कोहरा था, जिससे दृश्यता लगभग शून्य हो गई थी। तेज रफ्तार से चल रहे वाहन एक-दूसरे को समय पर देख नहीं सके और पीछे से आ रहे वाहनों की टक्कर के बाद एक के बाद एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते चले गए।
टक्कर के बाद लगी भीषण आग
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई बसों और कारों में तुरंत आग लग गई। आग लगते ही बसों में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन कई लोग वाहनों के भीतर ही फंस गए। आग की चपेट में आने से सात बसें और दो कारें पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं।
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। लगभग एक दर्जन फायर ब्रिगेड वाहनों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 20 से अधिक एंबुलेंस तैनात की गईं।

चार लोगों की मौत, कई की हालत गंभीर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने पुष्टि की कि हादसे में चार यात्रियों की जलकर मृत्यु हो गई है। मृतकों में से दो की पहचान हो चुकी है। शेष मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है। हादसे के बाद आगरा से नोएडा की ओर जाने वाली लेन पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क से हटाया गया, जिसके बाद कई घंटों की मशक्कत के बाद यातायात बहाल किया जा सका।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हृदयविदारक घटना का संज्ञान लिया है। जिला प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा घायलों के समुचित और निःशुल्क इलाज के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की।











