तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं और चुनाव आयोग राज्य में निष्पक्ष एवं सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी सिलसिले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चेन्नई में एक अहम बैठक की।
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार विधानसभा चुनाव एक ही फेज में कराए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि चुनाव प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन नामांकन की सुविधा का इस्तेमाल बढ़ सकता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों ने इस बार एक फेज में चुनाव कराने का सुझाव दिया है। आयोग इस पर अंतिम फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है।
चुनाव तैयारियों की समीक्षा बैठक
चुनाव आयोग ने राज्य भर में तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की। इसमें जिला कलेक्टर, पुलिस अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की संख्या और निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता पर चर्चा हुई। इस मौके पर CEC ने पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाताओं को सम्मानित किया। इस पहल का उद्देश्य नए मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करना और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है।
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि उम्मीदवार अब चुनाव आयोग के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए नामांकन जमा कर सकते हैं। इस सुविधा के जरिए सभी मतदाता नामांकन देख सकते हैं और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों को अभी भी कानूनी रूप से तय समय में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने व्यक्तिगत रूप से फार्म जमा करना आवश्यक होगा।

युवा मतदाताओं से अपील
मुख्य चुनाव आयुक्त ने 18 से 30 वर्ष तक के युवाओं से बड़े पैमाने पर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में युवाओं ने रिकॉर्ड वोटिंग दिखाई थी और उन्हें पूरा विश्वास है कि तमिलनाडु के युवा भी उच्च मतदान प्रतिशत दर्ज करेंगे। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने मतदान अधिकार का उपयोग करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं। ज्ञानेश कुमार ने आधार कार्ड और वोटर आईडी से जुड़े कानूनी पहलुओं को भी स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा, आधार कार्ड केवल व्यक्ति की पहचान का प्रमाण है, नागरिकता या निवास का नहीं। वोटर आईडी केवल उन नागरिकों को दिया जाता है जो संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदान के लिए पात्र हैं। CEC ने उम्मीदवारों और मतदाताओं को चेताया कि निर्धारित सीमा से अधिक नकदी लेकर न चलें। यह कदम चुनाव में अवैध धन के इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है।











