उत्तर कोरिया: किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ की सैन्य प्रशिक्षण में बढ़ती भूमिका, नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज

उत्तर कोरिया: किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ की सैन्य प्रशिक्षण में बढ़ती भूमिका, नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज

North Korea में तानाशाह Kim Jong Un के नेतृत्व का जश्न मनाने के लिए एक सप्ताह तक सत्तारूढ़ दल का सम्मेलन आयोजित किया गया। इसके बाद किम जोंग उन ने शीर्ष सरकारी और सैन्य अधिकारियों को नई स्नाइपर राइफलें तोहफे में दीं।

World News: उत्तर कोरिया में हाल ही में आयोजित सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी सम्मेलन के बाद देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने वरिष्ठ सैन्य और पार्टी अधिकारियों को नई स्नाइपर राइफलें उपहार में दीं। इस कार्यक्रम के दौरान राज्य मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में उनकी बेटी किम जू ऐ को शूटिंग रेंज में निशाना लगाते हुए दिखाया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, यह कार्यक्रम पार्टी नेतृत्व और सैन्य अधिकारियों की प्रतिबद्धता के सम्मान में आयोजित किया गया था। किम जोंग उन ने अधिकारियों को अपने “पूर्ण विश्वास और कृतज्ञता” का प्रतीक बताते हुए उन्हें आधुनिक स्नाइपर राइफलें प्रदान कीं।

सैन्य गतिविधियों में किम जू ऐ की सक्रिय भागीदारी

राज्य मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में किम जू ऐ को अपने पिता के साथ शूटिंग रेंज में देखा गया, जहां वह हथियार के साथ निशाना साधती नजर आईं। इन तस्वीरों में उन्हें सैन्य माहौल में आत्मविश्वास के साथ प्रशिक्षण लेते हुए दिखाया गया। यह घटनाक्रम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया का नेतृत्व उन्हें भविष्य के संभावित नेता के रूप में तैयार कर सकता है।

किम जू ऐ पहली बार नवंबर 2022 में एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) परीक्षण के दौरान सार्वजनिक रूप से दिखाई दी थीं। तब से वह कई महत्वपूर्ण सैन्य कार्यक्रमों, औद्योगिक परियोजनाओं के उद्घाटन और उच्च स्तरीय सरकारी आयोजनों में अपने पिता के साथ नजर आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी बढ़ती सार्वजनिक उपस्थिति उत्तर कोरिया की सत्ता संरचना में संभावित उत्तराधिकार योजना की ओर संकेत कर सकती है। हालांकि, उत्तर कोरिया ने आधिकारिक रूप से किसी उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की है।

किम यो जोंग की भूमिका भी मजबूत

इस कार्यक्रम में किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग भी मौजूद थीं, जिन्हें उत्तर कोरिया की राजनीति में एक प्रभावशाली और शक्तिशाली नेता माना जाता है। हाल ही में उन्हें वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय समिति में महानिदेशक के रूप में पदोन्नत किया गया है, जो पार्टी के प्रशासनिक और रणनीतिक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

किम यो जोंग पहले भी अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ उत्तर कोरिया की नीतियों का प्रमुख चेहरा रही हैं और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं।

उत्तर कोरिया की सैन्य रणनीति और वैश्विक चिंता

सम्मेलन के दौरान किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य क्षमता को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने देश की सुरक्षा और संप्रभुता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आधुनिक हथियार प्रणालियों के विकास पर जोर दिया। उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से अमेरिका, दक्षिण कोरिया और अन्य सहयोगी देशों के लिए चिंता का विषय रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि उत्तर कोरिया की बढ़ती सैन्य क्षमता क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है।

हालांकि उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य नीति पर सख्त रुख बनाए रखा है, लेकिन किम जोंग उन ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए दरवाजे खुले रखने का संकेत भी दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका बातचीत को फिर से शुरू करना चाहता है, तो उसे उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की पूर्व शर्त को हटाना होगा।

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