GOBARdhan Scheme: मोदी सरकार ने बायोगैस योजना को दी मंजूरी, जानिए कब से होगी लागू

GOBARdhan Scheme के तहत मोदी सरकार ने बायोगैस और वेस्ट-टू-एनर्जी को बढ़ावा देने वाली योजना को मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य कचरे से ऊर्जा उत्पादन

केंद्र सरकार ने देश में बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme) को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) को बढ़ावा देने वाली भारत की नेशनल यूनिफाइड स्कीम ‘गोबरधन’ को 23,731 करोड़ रुपये के बजट के साथ स्वीकृति प्रदान की है।

बिजनेस न्यूज़: भारत सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय स्तर की GOBARdhan (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan) योजना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 23,731 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति प्रदान की है। सरकार का लक्ष्य देश में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के उत्पादन को अगले कुछ वर्षों में लगभग दस गुना तक बढ़ाना है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार 10 अगस्त को विश्व जैव-ईंधन दिवस के अवसर पर इस योजना के विस्तृत क्रियान्वयन की घोषणा कर सकती है।

क्या है GOBARdhan योजना?

GOBARdhan का पूरा नाम Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan है। इसे पहली बार वर्ष 2018 में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शुरू किया गया था। योजना का मूल उद्देश्य पशुओं के गोबर, कृषि अवशेषों, जैविक कचरे और अन्य बायोमास संसाधनों का उपयोग करके स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद का उत्पादन करना है।

नई स्वीकृति के साथ इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया जा रहा है। इसके तहत गोबर, फसल अवशेष, शहरी जैविक कचरा, प्रेस मड और अन्य जैविक पदार्थों को प्रोसेस कर कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तथा उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद में बदला जाएगा।

योजना कब तक लागू रहेगी?

सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2035-36 तक लागू रहेगी। इस अवधि के दौरान देशभर में बायोगैस उत्पादन, वितरण और उपयोग के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य CBG को भारत के भविष्य के ऊर्जा मिश्रण (Energy Mix) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना है, ताकि परिवहन, घरेलू उपयोग और औद्योगिक जरूरतों के लिए स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।

योजना के प्रमुख उद्देश्य

GOBARdhan योजना कई राष्ट्रीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन में लगभग दस गुना वृद्धि।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर पैदा करना।
  • कृषि और पशुपालन से उत्पन्न जैविक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन।
  • स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना।
  • कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण में कमी लाना।
  • आयातित प्राकृतिक गैस और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करना।
  • देश में सर्कुलर बायो-इकोनॉमी को मजबूत बनाना।

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ किसानों और ग्रामीण समुदायों को मिलने की उम्मीद है। अब गोबर और कृषि अवशेष, जिन्हें अक्सर बेकार समझा जाता था, आय का नया स्रोत बन सकते हैं। किसान बायोगैस संयंत्रों को कच्चा माल उपलब्ध कराकर अतिरिक्त कमाई कर सकेंगे। वहीं, जैविक खाद के उत्पादन से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी, जिससे खेती की लागत घट सकती है और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके अलावा, बायोगैस संयंत्रों की स्थापना और संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार अवसर भी पैदा होंगे।

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