Gold Silver Price: अगले हफ्ते भी सोने-चांदी में रहेगा उतार-चढ़ाव, फेड के फैसले पर टिकी नजर

Gold Silver Price: अगले हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अमेरिकी फेड के ब्याज दरों पर फैसले, डॉलर और कच्चे तेल की चाल पर बाजार की

सोने और चांदी की कीमतों में अगले सप्ताह भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को लेकर फैसला कीमती धातुओं की कीमतों के लिए अहम रहेगा।

Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में आने वाले सप्ताह भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। वैश्विक बुलियन बाजार की दिशा तय करने में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव अहम भूमिका निभा सकते हैं। बाजार की नजर खास तौर पर 15 और 16 सितंबर को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक पर रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि फेड के ब्याज दरों पर फैसले और उसके बाद दिए जाने वाले संकेतों से सोने और चांदी की कीमतों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।

FOMC बैठक से तय हो सकती है सोने की दिशा

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक इस समय वैश्विक बुलियन बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। निवेशक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर आगे किस तरह की नीति अपनाता है। अगर फेड का रुख अपेक्षाकृत नरम रहता है और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होती है, तो सोने को समर्थन मिल सकता है।

इसके विपरीत, अगर फेड महंगाई को लेकर सख्त रुख अपनाता है या ब्याज दरों पर आक्रामक संकेत देता है, तो अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती आ सकती है। ऐसी स्थिति में सोने और चांदी पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। गणेश चतुर्थी के कारण 14 सितंबर को घरेलू कमोडिटी बाजार के सुबह के सत्र में कारोबार बंद रहेगा। हालांकि, शाम के सत्र में MCX पर कारोबार शुरू होगा।

कच्चे तेल और डॉलर पर भी रहेगी नजर

एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, सोना फिलहाल फेड की टिप्पणियों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी डॉलर, महंगाई की उम्मीदों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। उनके अनुसार, अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है या अमेरिकी फेड का रुख कम आक्रामक रहता है, तो सोने की कीमतों को मजबूती मिल सकती है। वहीं, तेल की कीमतों में दोबारा तेजी या फेड की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेत मिलने पर सोने में नई बिकवाली देखने को मिल सकती है।

अमेरिकी-ईरान तनाव से जुड़े घटनाक्रम भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। वैश्विक स्तर पर किसी बड़े भू-राजनीतिक जोखिम की स्थिति में निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने की मांग बढ़ सकती है।

घरेलू बाजार में सोने में मामूली तेजी

पिछले सप्ताह घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 17 रुपये की मामूली बढ़त के साथ 1,52,784 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। दूसरी ओर, चांदी के भाव में गिरावट देखने को मिली। MCX पर चांदी 2,684 रुपये यानी करीब 1.13 प्रतिशत कमजोर होकर 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

घरेलू बाजार में रुपये की कमजोरी ने सोने की गिरावट को सीमित करने में भी भूमिका निभाई। चूंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए रुपये में कमजोरी का घरेलू कीमतों पर अलग प्रभाव पड़ सकता है।

COMEX पर सोना और चांदी दबाव में

अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले सप्ताह बुलियन पर दबाव ज्यादा दिखाई दिया। COMEX पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव करीब 1.5 प्रतिशत गिरकर 4,408.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी की कीमत में भी तेज गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 2.34 प्रतिशत टूटकर 65.19 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

इससे संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी हुई है। डॉलर, अमेरिकी मौद्रिक नीति और वैश्विक आर्थिक संकेतकों में बदलाव आने वाले दिनों में बुलियन की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

रुपये की कमजोरी से घरेलू सोने को मिला सहारा

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर ने बताया कि पिछले सप्ताह सोने के वायदा भाव में काफी उतार-चढ़ाव रहा। हालांकि, सप्ताह के अंत तक कुल मिलाकर बिकवाली का दबाव हावी रहा और अंतरराष्ट्रीय सोने के वायदा भाव में लगभग 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

उनके मुताबिक, घरेलू बाजार में रुपये में तेज कमजोरी के कारण सोने की कीमतों में गिरावट अपेक्षाकृत सीमित रही। आने वाले सप्ताह में भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के बीच यह अंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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