गोंडा, उत्तर प्रदेश: जिले में मौसम में तेजी से आई ठंड के कारण ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में प्रतिदिन लगभग 80100 मरीज सांस लेने में तकलीफ, खांसी और बलगम की समस्या के कारण इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि सर्द हवा फेफड़ों की नलियों को संवेदनशील बनाती है, जिससे ब्रोंकाइटिस के लक्षण - खांसी, सीने में जलन, गाढ़ा बलगम और सांस फूलना — गंभीर हो जाते हैं। विशेषकर धूम्रपान करने वाले और प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे ठंडी हवा में लंबे समय तक न रहें, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और लक्षण गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। साथ ही धूम्रपान से बचें, प्रदूषण से सुरक्षा करें और दवाइयों का समय पर सेवन करें।
इस मौसम में श्वसन रोगों से बचाव के लिए सावधानी और सतर्कता को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।












