Google Chrome यूजर्स के लिए बड़ा अलर्ट: पासवर्ड और बैंकिंग डेटा पर मंडरा रहा साइबर खतरा

Google Chrome इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा साइबर अलर्ट जारी हुआ है। हैकर्स पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल्स और निजी डेटा को निशाना बना सकते हैं। जानें

दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले वेब ब्राउज़र Google Chrome को लेकर एक गंभीर सुरक्षा चेतावनी जारी की गई है। भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने यूजर्स को अलर्ट करते हुए कहा है कि क्रोम के कुछ पुराने वर्जन में कई खतरनाक कमजोरियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स यूजर्स का निजी डेटा चुरा सकते हैं।

टेक न्यूज़: अगर आप Google Chrome इस्तेमाल करते हैं तो सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि इसमें कुछ गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई हैं। इन कमजोरियों का फायदा उठाकर साइबर हमलावर सिस्टम में घुसपैठ कर सकते हैं और निजी डेटा चोरी करने के साथ-साथ मालवेयर भी इंस्टॉल कर सकते हैं। इन खतरों को देखते हुए CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) ने अलर्ट जारी किया है। 

एजेंसी ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने ब्राउजर को तुरंत अपडेट करें और अनजान लिंक या संदिग्ध वेबसाइट्स पर क्लिक करने से बचें। Google Chrome दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले ब्राउज़रों में से एक है, ऐसे में भारत समेत करोड़ों यूजर्स पर इसका असर पड़ सकता है।

किन यूजर्स को सबसे ज्यादा खतरा?

CERT-In के अनुसार, खतरा खासतौर पर उन यूजर्स के लिए है जो पुराने वर्जन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें शामिल हैं, Linux पर 148.0.7778.96 से पुराने वर्जन, Windows और Mac पर 148.0.7778.96 / 148.0.7778.97 से पुराने वर्जन एजेंसी ने साफ कहा है कि इन वर्जनों में मौजूद सुरक्षा खामियों का इस्तेमाल करके साइबर अपराधी सिस्टम को रिमोटली कंट्रोल कर सकते हैं।

कैसे हो सकता है डेटा चोरी का खतरा?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हैकर्स फर्जी या मालिशियस वेबसाइट्स के जरिए यूजर्स को फंसा सकते हैं. संक्रमित लिंक पर क्लिक करवाकर सिस्टम में मालवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं. पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल्स और अन्य संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं. ब्राउज़र की सुरक्षा प्रणाली को बायपास कर सकते हैं. सिस्टम को क्रैश या पूरी तरह से लॉक भी कर सकते हैं, यह हमला आमतौर पर “ड्राइव-बाय अटैक” या “फिशिंग लिंक” के जरिए किया जाता है, जिसमें यूजर को पता भी नहीं चलता कि उसका डेटा चोरी हो रहा है।

Chrome में किन तकनीकी खामियों की पहचान हुई?

रिपोर्ट के मुताबिक, Google Chrome में कई महत्वपूर्ण हिस्सों में सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • रेंडरिंग इंजन की कमजोरियां
  • ग्राफिक्स प्रोसेसिंग से जुड़ी खामियां
  • मेमोरी मैनेजमेंट की त्रुटियां
  • इनपुट वैलिडेशन की समस्याएं
  • सिक्योरिटी पॉलिसी बायपास

हालांकि ये तकनीकी शब्द हैं, लेकिन इनका सीधा असर यूजर की गोपनीयता और सिस्टम की सुरक्षा पर पड़ता है। CERT-In ने सभी यूजर्स को तुरंत अपने ब्राउज़र को अपडेट करने की सलाह दी है। एजेंसी ने कहा है कि Google ने इन खामियों को ठीक करने के लिए सिक्योरिटी पैच जारी कर दिए हैं।

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