Google ने Search Console में नए AI कंट्रोल्स और इनसाइट्स पेश किए हैं, जिनकी मदद से वेबसाइट ओनर्स AI Overviews और AI Mode में अपने कंटेंट की मौजूदगी को मैनेज कर सकेंगे। फिलहाल यह फीचर UK के कुछ पब्लिशर्स के लिए शुरू किया गया है।
Tech: Google ने वेबसाइट पब्लिशर्स के लिए Search Console में नए कंट्रोल्स और रिपोर्टिंग टूल्स की शुरुआत की है। इन फीचर्स के जरिए वेबसाइट ओनर्स यह तय कर सकेंगे कि उनका कंटेंट AI Overviews, AI Mode और अन्य जनरेटिव AI सर्च फीचर्स में दिखाई दे या नहीं। साथ ही, उन्हें AI आधारित सर्च रिजल्ट्स में कंटेंट की परफॉर्मेंस से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी भी मिलेगी।
पब्लिशर्स को मिलेगा AI कंटेंट पर ज्यादा कंट्रोल

Google ने वेबसाइट पब्लिशर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को अधिक नियंत्रण देने के लिए Search Console में नए AI कंट्रोल्स और इनसाइट्स पेश करने की घोषणा की है। इन नए फीचर्स की मदद से वेबसाइट ओनर्स यह तय कर सकेंगे कि उनका कंटेंट Google के AI Overviews, AI Mode in Search और AI आधारित अन्य सर्च अनुभवों में दिखाई दे या नहीं। कंपनी का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य पब्लिशर्स को उनके कंटेंट के उपयोग और उसकी विजिबिलिटी को लेकर अधिक पारदर्शिता प्रदान करना है।
AI फीचर्स में कंटेंट शामिल करने या हटाने का विकल्प
नए अपडेट के तहत वेबसाइट मालिकों को Search Console में एक विशेष कंट्रोल मिलेगा, जिसके जरिए वे अपने वेबपेजों को Google के जनरेटिव AI फीचर्स से बाहर रखने का विकल्प चुन सकते हैं। यदि कोई पब्लिशर इस विकल्प को सक्रिय करता है, तो उसकी वेबसाइट का कंटेंट AI Overviews, AI Mode और Discovery में दिखने वाले AI-जनरेटेड सारांशों का हिस्सा नहीं बनेगा।
Google ने स्पष्ट किया है कि यह सेटिंग केवल उसके AI आधारित सर्च फीचर्स पर लागू होगी। इसका वेबसाइट की पारंपरिक सर्च रैंकिंग या ऑर्गेनिक सर्च रिजल्ट्स में प्रदर्शन पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। यानी वेबसाइट सामान्य Google Search में पहले की तरह दिखाई देती रहेगी।
AI ट्रैफिक और विजिबिलिटी पर मिलेगी ज्यादा जानकारी
कंपनी Search Console में नए इनसाइट्स भी जोड़ रही है, जिससे वेबसाइट ऑपरेटर्स यह समझ सकेंगे कि उनका कंटेंट AI आधारित सर्च अनुभवों में किस तरह उपयोग हो रहा है। पब्लिशर्स को यह जानकारी मिलेगी कि उनके कौन-से पेज AI Overviews या AI Mode में दिखाई दे रहे हैं और उन्हें कितने इम्प्रेशन्स मिल रहे हैं।
इसके अलावा, Google उन देशों की जानकारी भी उपलब्ध कराएगा जहां किसी वेबसाइट का कंटेंट AI आधारित जवाबों में दिखाया जा रहा है। इससे वेबसाइट मालिक अलग-अलग बाजारों में अपने कंटेंट की पहुंच और प्रभाव का बेहतर विश्लेषण कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि भविष्य में इन रिपोर्ट्स में और भी मैट्रिक्स जोड़े जाएंगे ताकि पब्लिशर्स को अधिक विस्तृत डेटा मिल सके।
AI से बाहर होने पर नहीं मिलेगा संबंधित ट्रैफिक
Google ने यह भी बताया है कि जो वेबसाइट्स AI Overviews और AI Mode से बाहर रहने का विकल्प चुनेंगी, उन्हें इन फीचर्स के जरिए मिलने वाला ट्रैफिक और इम्प्रेशन्स प्राप्त नहीं होंगे। हालांकि, इससे सामान्य सर्च परिणामों में उनकी मौजूदगी प्रभावित नहीं होगी। कंपनी ने दोहराया कि AI कंट्रोल को रैंकिंग सिग्नल के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
फिलहाल ये नए कंट्रोल्स और इनसाइट्स UK के चुनिंदा वेबसाइट ओनर्स के लिए रोलआउट किए जा रहे हैं। शुरुआती परीक्षण और फीडबैक के आधार पर Google भविष्य में इन्हें वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह अपडेट AI युग में पब्लिशर्स और सर्च प्लेटफॉर्म्स के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।











