गोरखपुर जिले के एक गाँव में ग्रामीणों ने एक युवती और उसके प्रेमी को कथित आपत्तिजनक स्थिति में पकड़कर पुलिस के हवाले किया। बाद में दोनों को थाने ले जाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में युवक-युवती ने बताया कि वे दोनों बालिग हैं और साथ रहने की इच्छा रखते हैं।
उनके परिवार और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक बातचीत के बाद यह तय किया कि यदि दोनों साथ रहना चाहते हैं, तो विवाह करा दिया जाए। उसी निर्णय के आधार पर स्थानीय मंदिर में देर शाम युवती-युवक ने विवाह रचा लिया।
पुलिस ने बताया कि विवाह कराने की प्रक्रिया में दोनों पक्षों की स्वीकृति ली गई थी। मंदिर में शादी की जानकारी पुलिस को इस समय नहीं थी। इस घटना ने ग्रामीण पंचायत-निर्णय व सामाजिक रीति-रिवाजों के दायरे में आए विवाहों की पुनरावृत्ति और सीमाओं पर बहस छेड़ दी है।







