गोरखपुर में पुलिस मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर गिरफ्तार: पैर में लगी गोली, गिरोह बनाकर बंद घरों को बनाता था निशाना

गोरखपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गैंगस्टर को पैर में गोली लगी। आरोपी गिरोह बनाकर बंद घरों में चोरी करता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
गोरखपुर में पुलिस मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर गिरफ्तार: पैर में लगी गोली, गिरोह बनाकर बंद घरों को बनाता था निशाना
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गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक गैंगस्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी एक गिरोह बनाकर बंद मकानों की रेकी करने के बाद चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि बंद घरों में चोरी करने वाला आरोपी किसी वारदात की फिराक में इलाके में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संदिग्ध स्थान पर घेराबंदी की। पुलिस के पहुंचते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने उसे रुकने के लिए कहा, लेकिन आरोपी कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने लगा।

पुलिस के अनुसार जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। गोली लगने के बाद वह घायल होकर मौके पर गिर गया। पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल पहुंचाया। उसके कब्जे से हथियार और चोरी से जुड़ा सामान बरामद किए जाने की भी बात कही गई है।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी की आपराधिक कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। जांच में उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि आरोपी के साथ गिरोह में कितने लोग शामिल थे और किन-किन इलाकों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया।

पुलिस का कहना है कि आरोपी का गिरोह खास तौर पर ऐसे मकानों को निशाना बनाता था, जहां परिवार के लोग कुछ दिनों के लिए बाहर गए हों। पहले घर की निगरानी की जाती थी। इसके बाद मौका देखकर ताला तोड़कर या किसी दूसरे तरीके से घर में प्रवेश किया जाता और नकदी, आभूषण तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया जाता था।

बंद मकानों की चोरी की घटनाओं में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वारदात के समय घर में कोई मौजूद नहीं होता। ऐसे में पीड़ित परिवार को चोरी की जानकारी कई घंटे या कई दिन बाद मिलती है। पुलिस के मुताबिक आरोपी इसी तरह के घरों को चिन्हित कर वारदात करता था।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके साथियों की तलाश में जुट गई है। पूछताछ में उससे गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी किए गए सामान और पूर्व की घटनाओं के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई चोरी की घटनाओं का खुलासा हो सकता है।

पुलिस टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने चोरी का सामान कहां खपाया। यदि चोरी के आभूषण या अन्य सामान खरीदारों तक पहुंचाए गए हैं तो उनकी भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

गोरखपुर में बंद मकानों को निशाना बनाने वाले गिरोहों के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अपराधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है और पुराने मामलों में शामिल आरोपियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच भी की। वहां से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया है। बरामद हथियार और अन्य सामान की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आरोपी के पास मौजूद हथियार वैध था या अवैध और उसका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं।

आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

पुलिस के लिए अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण आरोपी के गिरोह तक पहुंचना है। यदि पूछताछ में उसके साथियों की पहचान होती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही चोरी के सामान की बरामदगी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश देने की तैयारी की जा रही है।

शहर में बंद मकानों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस लोगों को सतर्क रहने की सलाह देती रही है। लंबे समय के लिए घर बंद करके बाहर जाने वाले लोगों को पड़ोसियों को जानकारी देने, घर पर नजर रखने की व्यवस्था करने और संदिग्ध गतिविधि होने पर पुलिस को सूचना देने की जरूरत है।

खास तौर पर ऐसे इलाकों में जहां लगातार चोरी की घटनाएं सामने आती हैं, वहां सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट सुरक्षा में मदद कर सकते हैं। पुलिस भी चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए संदिग्ध लोगों और पुराने अपराधियों की निगरानी करती है।

फिलहाल पुलिस मुठभेड़ में घायल गैंगस्टर का इलाज कराया जा रहा है और उसे गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ की जा रही है। उसके आपराधिक इतिहास और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस को उम्मीद है कि बंद मकानों में चोरी करने वाले गिरोह की कई पुरानी वारदातों का खुलासा हो सकता है। अब जांच का फोकस आरोपी के साथियों, चोरी किए गए सामान और गिरोह द्वारा निशाना बनाए गए अन्य मकानों की जानकारी जुटाने पर है।

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