रायपुर में साइबर ठग ने खुद को कार कंपनी का संचालक बताकर बैंक मैनेजर से 2 करोड़ की FD कराने का भरोसा जीता। बाद में मेडिकल भुगतान के बहाने 4.99 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिए।
रायपुर: राजधानी में साइबर ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें जालसाज ने भारतीय स्टेट बैंक की आईजीकेवी शाखा की बैंक मैनेजर को ही निशाना बनाया। आरोपी ने करीब 2 करोड़ रुपये की FD कराने का झांसा देकर भरोसा जीता और मेडिकल भुगतान के नाम पर 4.99 लाख रुपये RTGS के जरिए मुंबई के बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए।
2 करोड़ की FD का झांसा देकर बैंक मैनेजर से संपर्क
रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में ठग ने खुद को कार कंपनी का संचालक बताकर बैंक मैनेजर से संपर्क किया। पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को श्वेता शर्मा के मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया था। कॉल रिसीव नहीं होने के बाद आरोपी ने मैसेज के जरिए संपर्क किया।

आरोपी ने अपना नाम प्रशांत मंधान बताया और खुद को इंटारा कार कंपनी का संचालक बताया। उसने 21 अगस्त को करीब 2 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD कराने में रुचि दिखाई और बैंक की ब्याज दर के बारे में जानकारी मांगी।
बैंक मैनेजर ने उसे 6.45 प्रतिशत ब्याज दर की जानकारी दी। बातचीत के दौरान आरोपी ने सोमवार को बैंक आने की बात कही, जिससे बैंक मैनेजर को उसके दावे पर भरोसा हो गया।
मेडिकल भुगतान के नाम पर मांगे 4.99 लाख रुपये
24 अगस्त को आरोपी ने दोबारा बैंक मैनेजर से संपर्क किया। उसने दावा किया कि उसकी चेकबुक खत्म हो गई है और उसे तत्काल मेडिकल भुगतान करना है। इसी आधार पर उसने 4 लाख 99 हजार रुपये RTGS के जरिए दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा।
आरोपी ने बैंक मैनेजर के कहने पर भुगतान से संबंधित आवेदन भी भेजा। इसके लिए उसने फर्जी ई-मेल आईडी का इस्तेमाल किया था। दस्तावेज और हस्ताक्षर का मिलान किए जाने के बाद बैंक मैनेजर ने भुगतान प्रक्रिया पूरी कर दी।
40 मिनट बाद कंपनी ने खोली फर्जीवाड़े की पोल
बैंक मैनेजर ने दोपहर करीब 1:20 बजे 4.99 लाख रुपये मुंबई के कुर्ला स्थित केनरा बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, करीब 40 मिनट बाद संबंधित कंपनी के एक मैनेजर ने बैंक से संपर्क किया।
कंपनी की ओर से बताया गया कि उनकी तरफ से इस तरह का कोई भुगतान आवेदन नहीं भेजा गया था। इसके बाद बैंक मैनेजर को पूरे मामले में धोखाधड़ी का संदेह हुआ।
जांच के दौरान आरोपी की ओर से इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं मिले। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और पहचान के जरिए रकम ट्रांसफर कराने का मामला सामने आया।
पुलिस ने दर्ज किया केस, तकनीकी जांच शुरू
बैंक मैनेजर श्वेता शर्मा की शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब आरोपी की पहचान करने के लिए मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और बैंक खाते से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही जिस खाते में रकम ट्रांसफर की गई, उसके लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने बैंक मैनेजर से संपर्क करने के लिए कंपनी की जानकारी कहां से हासिल की और फर्जी ई-मेल के जरिए भुगतान आवेदन तैयार कर रकम ट्रांसफर कराने की पूरी योजना कैसे बनाई।











