पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले के पानागढ़ बाजार में दो युवकों पर सोने की दुकान से मोबाइल चोरी करने का आरोप है। घटना CCTV में कैद हुई। दुकानदार की शिकायत पर कांकसा थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बर्दवान: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले के पानागढ़ बाजार में दिनदहाड़े चोरी की एक घटना सामने आई है। यहां एक सोने की दुकान से दो अज्ञात युवकों पर मोबाइल फोन चोरी करने का आरोप लगा है। बताया गया है कि दुकान के मालिक की गैरमौजूदगी में दोनों युवक अंदर आए और काउंटर में रखा मोबाइल लेकर चले गए। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड हो गईं। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। दुकानदार की शिकायत पर कांकसा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इलाके में पहले भी चोरी की वारदातें हो चुकी हैं। हालांकि, पानागढ़ की घटना में संदिग्धों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की जांच पूरी होने का इंतजार है।
दुकान मालिक की गैरमौजूदगी में हुई चोरी
जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को शाम करीब चार बजे पानागढ़ बाजार में हुई। यहां सुबीर पाल की सोने की दुकान खुली हुई थी। इसी दौरान वह कुछ मिनट के लिए दुकान से बाहर गए थे। आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर दो युवक दुकान के अंदर पहुंचे।
दोनों ने कथित तौर पर काउंटर में रखा मोबाइल फोन उठाया और वहां से निकल गए। चूंकि दुकान उस समय खुली थी, इसलिए यह घटना कुछ ही मिनटों में हुई बताई जा रही है। दुकानदार को शुरुआत में मोबाइल गायब होने का पता नहीं चला, लेकिन वापस लौटने पर उन्हें फोन नहीं मिला।
मोबाइल की तलाश करने के बाद सुबीर पाल को चोरी का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी। फुटेज में कथित तौर पर दो युवकों की गतिविधियां दिखाई दीं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया।
CCTV फुटेज में कैद हुई संदिग्धों की गतिविधियां
मोबाइल गायब मिलने के बाद दुकानदार ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की। कैमरे में रिकॉर्ड दृश्य इस मामले की जांच के लिए अहम माने जा रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, फुटेज में दो युवक दुकान के भीतर आते और मोबाइल लेकर जाते दिखाई दिए।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से पुलिस को संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि दोनों युवक कौन थे, वे किस रास्ते से बाजार पहुंचे और घटना के बाद किस दिशा में गए।
हालांकि, केवल फुटेज में दिखाई देने के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। संदिग्धों की पहचान, घटनाक्रम की पुष्टि और अन्य सबूतों की जांच के बाद ही मामले में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
दुकानदार ने कांकसा थाने में दर्ज कराई शिकायत
मोबाइल चोरी होने की जानकारी मिलने के बाद सुबीर पाल ने कांकसा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को घटना के बारे में बताया और सीसीटीवी फुटेज से जुड़ी जानकारी भी दी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की प्राथमिकता संदिग्ध युवकों की पहचान करना और चोरी की परिस्थितियों का पता लगाना है। जांच में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के अलावा आसपास की दुकानों और बाजार में लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी उपयोगी हो सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि मोबाइल फोन की बरामदगी हुई है या दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इसलिए मामले में आगे की कार्रवाई और पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
व्यस्त बाजार में चोरी से व्यापारियों की चिंता बढ़ी
पानागढ़ बाजार पश्चिम बर्दवान जिले का एक व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां अलग-अलग तरह की दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान हैं। ऐसे इलाके में दिन के समय चोरी की घटना सामने आने से दुकानदारों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
स्थानीय व्यापारियों के बीच बाजार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। दुकानदारों को आशंका है कि यदि खुले बाजार में इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो इससे कारोबार और ग्राहकों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।
व्यापारियों के लिए दुकान पर लगातार नजर रखना हमेशा आसान नहीं होता। ग्राहकों की आवाजाही, सामान की देखभाल और रोजमर्रा के काम के बीच कुछ मिनटों के लिए दुकान से बाहर जाना पड़ सकता है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षित काउंटर और सतर्कता चोरी जैसी घटनाओं की जांच में मददगार साबित हो सकते हैं।
हालांकि, किसी एक घटना के आधार पर पूरे बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच से यह पता चल सकेगा कि चोरी कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन उपायों की जरूरत है।
बेनाचिती में भी हुई थी चोरी की घटना
पानागढ़ में मोबाइल चोरी की घटना से पहले दुर्गापुर के बेनाचिती इलाके में भी चोरी का मामला सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को बेनाचिती के निवेदिता प्लेस क्षेत्र में एक घर में चोरी हुई थी। इस मामले में पुलिस ने कोलकाता से दो संदिग्धों को पकड़े जाने की जानकारी दी थी।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, घटना के समय दोपहर में घर पर कोई मौजूद नहीं था। जब परिवार के सदस्य वापस लौटे, तो उन्होंने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद था। इसके बाद जब वे घर के पीछे की ओर गए, तो वहां का दरवाजा खुला मिला।
घर के अंदर पहुंचने पर परिवार को सामान बिखरा हुआ मिला। अलमारी का ताला टूटा था और उसमें रखे सोने-चांदी के गहने तथा जरूरी दस्तावेज गायब थे। परिवार ने इसके बाद पुलिस को सूचना दी।
बेनाचिती की घटना और पानागढ़ में मोबाइल चोरी का मामला अलग-अलग हैं। दोनों मामलों के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी इन घटनाओं ने इलाके में संपत्ति की सुरक्षा और पुलिस की जांच को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
दुकानों और बाजारों में सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरी
पानागढ़ की घटना यह याद दिलाती है कि व्यस्त बाजारों में भी छोटे समय के लिए लापरवाही चोरी का अवसर बन सकती है। दुकानदारों के लिए जरूरी है कि मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान ऐसी जगह रखें, जहां उन तक अनधिकृत पहुंच आसान न हो।
सीसीटीवी कैमरों की सही स्थिति, रिकॉर्डिंग का सुरक्षित रखा जाना और दुकान के प्रवेश द्वार पर नजर रखना भी उपयोगी हो सकता है। किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर दुकानदारों को खुद टकराव करने के बजाय पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम सुराग साबित हो सकती है, लेकिन संदिग्धों की पहचान और आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी
फिलहाल पानागढ़ बाजार में सोने की दुकान से मोबाइल चोरी के मामले में कांकसा थाना पुलिस जांच कर रही है। शिकायतकर्ता सुबीर पाल की ओर से दी गई जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
अब यह देखना होगा कि पुलिस दोनों युवकों की पहचान कर पाती है या नहीं और चोरी हुआ मोबाइल बरामद होता है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़ी परिस्थितियों और आगे की कार्रवाई के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है।
दिनदहाड़े हुई इस घटना ने स्थानीय दुकानदारों के बीच सतर्कता बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित किया है। फिलहाल मामले में सबसे अहम कदम पुलिस की जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर वास्तविक घटनाक्रम का पता लगाना है।











