गोरखपुर में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। लगातार तीसरे दिन आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से शहर के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बारिश और पुरवा हवा के कारण दिन में भी मौसम ठंडा महसूस हो रहा है। शुक्रवार को गोरखपुर में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.8 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान भी 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 25 सितंबर को 24 घंटे में 53.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई थी।
बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली है। मौसम में आई इस तब्दीली का असर सुबह से ही दिखाई दे रहा है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ कई इलाकों में बारिश के दौर चलते रहे। लगातार बादल और हवा चलने के कारण धूप नहीं निकलने से दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। स्थानीय मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय वातावरण में नमी अधिक होने और पुरवा हवा चलने से तापमान वास्तविक दर्ज तापमान से भी अधिक ठंडा महसूस हो सकता है।
गोरखपुर में शुक्रवार को दर्ज 24.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान सितंबर के मौसम के लिहाज से असामान्य रूप से कम रहा। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में इससे कम अधिकतम तापमान वर्ष 2007 में दर्ज हुआ था, जब 25 सितंबर को पारा 23.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इस तरह इस साल भी सितंबर के अंतिम दिनों में बारिश ने गर्मी के तेवर को अचानक कमजोर कर दिया है।
मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को भी गोरखपुर में आमतौर पर बादल छाए रहने और कुछ समय बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 27 सितंबर से मौसम में कुछ बदलाव के संकेत हैं। उस दिन आसमान आंशिक रूप से बादलयुक्त रहने तथा एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इसके बाद 28 और 29 सितंबर को भी हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है, जबकि 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को मुख्य रूप से आंशिक बादल रहने का पूर्वानुमान है।
तापमान के पूर्वानुमान में भी रविवार से धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत हैं। 26 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 27 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। इसके बाद 28 सितंबर को 31 डिग्री, 29 सितंबर को 32 डिग्री और 30 सितंबर तथा 1 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। यानी सोमवार से बारिश की तीव्रता कम होने के साथ दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
इस मौसम परिवर्तन के पीछे बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र का प्रभाव बताया जा रहा है। स्थानीय मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय के अनुसार यह सिस्टम छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने के बाद झारखंड होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश की तरफ प्रभाव डाल रहा है। इसी वजह से गोरखपुर और आसपास के इलाकों में लगातार बादल और बारिश का दौर बना हुआ है। उनके अनुसार अगले दो दिनों तक बारिश का प्रभाव रहने की संभावना है।
इससे पहले मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर के बीच बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार 25 और 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना भी बताई गई थी। बारिश के दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी।
लगातार बारिश का असर शहर की सामान्य गतिविधियों पर भी देखने को मिल रहा है। कई जगह सड़कें गीली रहने और बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर लोगों को मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखने की जरूरत है।
बारिश का असर गोरखपुर के अलावा पूर्वांचल के दूसरे जिलों के मौसम पर भी पड़ा है। लगातार बादल और बारिश से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ लोगों को सितंबर के आखिरी सप्ताह में ठंडक का अहसास होने लगा है। हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान से यह भी स्पष्ट है कि यह ठंडक लंबे समय तक बने रहने की संभावना नहीं है और बारिश का दौर कमजोर पड़ने के बाद तापमान फिर ऊपर जा सकता है।
गोरखपुर में शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे दर्ज सापेक्षिक आर्द्रता 93 प्रतिशत और शाम 5:30 बजे 95 प्रतिशत रही। इससे वातावरण में नमी की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। लगातार बादल और नमी के कारण लोगों को हवा में ठंडक अधिक महसूस हो रही है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे बादल कम होंगे और धूप निकलने लगेगी, तापमान में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
फिलहाल 26 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 27 सितंबर से मौसम में धीरे-धीरे बदलाव शुरू होने के संकेत हैं और इसके बाद अधिकतम तापमान बढ़ सकता है। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर तक बारिश की संभावना बनी हुई है, इसलिए पूरी तरह मौसम साफ होने की स्थिति धीरे-धीरे ही बनने की उम्मीद है। गोरखपुर के लोगों को फिलहाल बारिश, तेज हवा और फिसलन वाली सड़कों को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।












