गुजरात के सूरत से भीषण हादसे की खबर सामने आई है। लिंबायत मीठी खाड़ी के पास एक सोसाइटी की इमारत में अचानक आग लग गई। इस घटना में एक बच्चे समेत 5 लोग झुलस गए।
सूरत: गुजरात के सूरत में लिंबायत क्षेत्र के मीठी खाड़ी के पास स्थित एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। इस हादसे में एक बच्चे समेत एक ही परिवार के पांच लोग झुलस गए, जिनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों का कहना है कि मौत दम घुटने (स्मोक इनहलेशन) के कारण हुई, न कि सीधे आग के संपर्क में आने से।
आग लगने की घटना
घटना लिंबायत में हुई, जहां एक सोसाइटी के घर में अचानक आग फैल गई। स्थानीय लोगों ने जैसे ही आग की जानकारी पाई, तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। आग की वजह से घर में अफरा-तफरी मच गई और धुआं चारों तरफ फैल गया।
घटना स्थल पर मौजूद पूर्व महापौर दक्षेशभाई मावानी, डीसीपी और मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह परिवार साड़ी बनाने के व्यवसाय से जुड़ा था और घर में बड़ी मात्रा में साड़ियां रखी थीं।
मृतकों की पहचान
आग में झुलसकर जिन लोगों की मौत हुई, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- शाहनाज़ बेगम अब्दुल कलाम अंसारी (65 वर्ष)
- हुसा बेगम अब्दुल कलाम अंसारी (18 वर्ष)
- शुभान रमज़ान अली अंसारी (4 वर्ष)
- शबीना रमज़ान अली अंसारी (28 वर्ष)
- परवीन अब्दुल कलाम अंसारी (19 वर्ष)
पूर्व मेयर दक्षेशभाई मावानी ने बताया कि कमरे से बड़ी मात्रा में साड़ियां बरामद हुईं। घर में इतनी वस्तुएं होने के कारण अंदर चलने-फिरने की भी जगह नहीं थी, जिससे आग लगने के समय परिवार के लोग बाहर निकल नहीं पाए।

आग लगने का संभावित कारण
प्रारंभिक जांच में यह जानकारी मिली कि घर में बड़ी संख्या में साड़ियां रखने के कारण अचानक आग फैल गई, लेकिन आग कैसे लगी इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है। अधिकारी मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और आसपास के घरों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है। पूर्व मेयर ने कहा, मीठी खाड़ी के पास एक बेहद दुखद घटना घटी है। यह परिवार साड़ी बनाने का काम करता था और छोटे से घर में लगभग 10 टन साड़ियां रखी गई थीं। इससे घटना के समय अंदर लोगों के लिए भागने का रास्ता मुश्किल हो गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पांचों लोगों की मौत आग से सीधे नहीं, बल्कि धुएं के कारण हुई। यह घटना दर्शाती है कि छोटे घरों में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखना कितना खतरनाक हो सकता है।










