गुना में शुरू हुआ हाईटेक ABC सेंटर, आवारा कुत्तों की नसबंदी और इलाज पर जोर

गुना नगर पालिका ने डॉग बाइट मामलों को रोकने के लिए हाईटेक ABC सेंटर शुरू किया है, जहां आवारा कुत्तों की नसबंदी, इलाज और रेबीज वैक्सीनेशन होगा।

Guna में बढ़ती डॉग बाइट घटनाओं को रोकने के लिए नगर पालिका ने हाईटेक ABC सेंटर शुरू किया है। यहां आवारा कुत्तों की नसबंदी, रेबीज वैक्सीनेशन और सात दिन तक डॉक्टरों की निगरानी में देखभाल की जाएगी।

गुना: शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और डॉग बाइट मामलों को देखते हुए नगर पालिका ने एनीमल बर्थ कंट्रोल अभियान शुरू किया है। जगनपुर क्षेत्र में बनाए गए हाईटेक ABC सेंटर में स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी, रेबीज वैक्सीनेशन और उपचार की व्यवस्था की गई है। ऑपरेशन के बाद कुत्तों को सात दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा, ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से दोबारा छोड़ा जा सके।

आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए शुरू हुआ ABC अभियान

Guna नगर पालिका ने शहर में बढ़ती डॉग बाइट घटनाओं और आवारा कुत्तों के आतंक को नियंत्रित करने के लिए ‘एनीमल बर्थ कंट्रोल’ अभियान शुरू कर दिया है। वार्ड नंबर 21 के जगनपुर क्षेत्र में बने अत्याधुनिक ABC सेंटर में स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

अभियान के पहले दिन वार्ड नंबर 27 से करीब 10 आवारा कुत्तों को पकड़कर सेंटर लाया गया। यहां पशु चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज और वैक्सीनेशन शुरू किया गया।

एक साल बाद शुरू हो सकी योजना

नगर पालिका अध्यक्ष Savita Arvind Gupta ने बताया कि पिछले एक वर्ष से ABC सेंटर शुरू करने की तैयारी चल रही थी। शुरुआती दौर में टेंडर प्रक्रिया और तकनीकी कारणों से देरी हुई, लेकिन अब सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अभियान शुरू कर दिया गया है।

नगर पालिका का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रही डॉग बाइट घटनाओं और नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए इस व्यवस्था को लागू करना जरूरी हो गया था।

ऑपरेशन के बाद 7 दिन तक होगी विशेष देखभाल

मुख्य नगर पालिका अधिकारी Manjusha Khatri के अनुसार, कुत्तों को उनके इलाके के हिसाब से अलग-अलग समूहों में सेंटर लाया जाएगा, ताकि वे आपस में लड़ाई न करें। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनकी नसबंदी की जाएगी और रेबीज रोधी इंजेक्शन लगाए जाएंगे।

इलाज पूरा होने के बाद पहचान के लिए कुत्तों के कान पर छोटा निशान लगाया जाएगा। ऑपरेशन के बाद सभी कुत्तों को सात दिनों तक सेंटर में रखा जाएगा, जहां उन्हें पौष्टिक भोजन और नियमित मेडिकल देखभाल दी जाएगी।

रेबीज और हमलों के खतरे को कम करने की कोशिश

नगर पालिका के अनुसार, नसबंदी और वैक्सीनेशन के बाद कुत्तों के आक्रामक व्यवहार में कमी आने की संभावना रहती है। इससे सड़क पर अचानक होने वाले हमलों और रेबीज संक्रमण के मामलों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

इस अभियान के तहत लोग अपने पालतू कुत्तों को भी रेबीज टीकाकरण और नसबंदी के लिए सेंटर ला सकेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से शहर में डॉग बाइट की घटनाओं में कमी आएगी।

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