भारत और फ्रांस के बीच इस सप्ताह हैमर मिसाइलों के निर्माण को लेकर अहम समझौता होने जा रहा है। इस समझौते के तहत राफेल में इस्तेमाल होने वाली घातक हैमर मिसाइलें अब भारत में ही तैयार की जाएंगी।
नई दिल्ली: भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलने जा रही है। इस सप्ताह बेंगलुरु में आयोजित होने वाले छठे वार्षिक रक्षा संवाद के दौरान राफेल लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक हैमर (HAMMER) मिसाइल के संयुक्त निर्माण पर अहम समझौता होने की संभावना है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनकी फ्रांसीसी समकक्ष कैथरीन वॉट्रिन इस समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं।
यह विकास ऐसे समय में हो रहा है जब भारत ने हाल ही में 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों और लंबी दूरी की SCALP क्रूज मिसाइलों की खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, हैमर मिसाइल का स्वदेशी निर्माण भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता रणनीति के लिए बड़ा कदम साबित होगा।
क्या है HAMMER मिसाइल?
हैमर (Highly Agile Modular Munition Extended Range) एक प्रिसिजन-गाइडेड, एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल है, जिसे फ्रांसीसी कंपनी Safran ने विकसित किया है। यह मिसाइल 70 किलोमीटर तक की दूरी से दुश्मन के बंकर, ठिकानों और बख्तरबंद वाहनों को सटीकता से निशाना बना सकती है। इसकी खासियत यह है कि यह जीपीएस सिग्नल के बिना भी काम कर सकती है और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से लगभग अप्रभावित रहती है। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में छिपे लक्ष्यों को भेदने की इसकी क्षमता इसे भारतीय वायुसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।
फिलहाल भारतीय वायुसेना अपने राफेल विमानों में फ्रांस से आयातित हैमर मिसाइलों का उपयोग कर रही है। भारत में निर्माण शुरू होने से लागत में कमी आएगी और आपूर्ति श्रृंखला अधिक सुरक्षित और तेज होगी।

प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और औद्योगिक साझेदारी
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) भी शामिल होगा। इससे भारत को न केवल उत्पादन क्षमता मिलेगी, बल्कि उन्नत मिसाइल तकनीक में विशेषज्ञता भी विकसित होगी। हैमर मिसाइल के निर्माण के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और साफ्रान के बीच साझेदारी की योजना है। यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य रक्षा उत्पादन में घरेलू क्षमता को बढ़ाना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाए जाने की भी संभावना है। यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और दीर्घकालिक सुरक्षा सहयोग को मजबूत करेगी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान यह रक्षा संवाद आयोजित किया जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक संबंधों को दर्शाता है।
दोनों रक्षा मंत्री कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की H125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (LUH) की फाइनल असेंबली लाइन के वर्चुअल उद्घाटन में भी शामिल होंगे। इस परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से करेंगे। यह पहल भारत में हेलिकॉप्टर निर्माण क्षमता को बढ़ावा देगी।









