हरियाणा में धान खरीद को लेकर किसानों का प्रदर्शन, जींद में जाम, अंबाला मंडियों में बढ़ी पुलिस निगरानी

हरियाणा में धान खरीद में देरी से किसान नाराज हैं। जींद में जाम लगाया गया, अंबाला में पुलिस निगरानी बढ़ी और कृषि मंत्री ने लाडवा मंडी का निरीक्षण किया।

हरियाणा की मंडियों में धान खरीद में देरी को लेकर किसानों का विरोध बढ़ रहा है। जींद में किसानों ने सड़क जाम किया, जबकि अंबाला की मंडियों में पुलिस निगरानी बढ़ाई गई। कृषि मंत्री ने लाडवा मंडी का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए।

पानीपत: हरियाणा की अनाज मंडियों में धान की आवक बढ़ने के साथ खरीद व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानी भी सामने आ रही है। जींद की अलेवा मंडी में खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने जींद-असंध मार्ग पर जाम लगा दिया। वहीं अंबाला की मंडियों में पुलिस निगरानी बढ़ाई गई है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कुरुक्षेत्र की लाडवा मंडी पहुंचकर खरीद व्यवस्था का जायजा लिया।

जींद में खरीद शुरू न होने पर किसानों ने लगाया जाम

जींद जिले की अलेवा अनाज मंडी में बुधवार को पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान नाराज हो गए। किसानों ने विरोध करते हुए जींद-असंध मार्ग के मुख्य चौक पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने के बाद अलेवा थाना प्रभारी आत्माराम और नायब तहसीलदार ओंकार दत्त शर्मा मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की।

इसके बाद एसडीएम और डीएम हैफेड भी किसान सभा के पदाधिकारियों के साथ मंडी पहुंचे। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद खरीद एजेंसी के माध्यम से पीआर धान की खरीद शुरू कराई गई। इससे किसानों को राहत मिली और सड़क पर यातायात भी बहाल किया गया।

जींद जिले में अब तक करीब 31,380 मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंच चुका है, जबकि लगभग 5,253 मीट्रिक टन की खरीद हुई है। किसानों का कहना है कि खरीद में देरी होने से उन्हें मंडियों में लंबे समय तक फसल रोककर रखनी पड़ रही है।

कई जिलों में खरीद और उठान की स्थिति अलग-अलग

हरियाणा में पीआर धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है। हालांकि कई मंडियों में राइस मिलर्स के पंजीकरण में देरी के कारण खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई। अलग-अलग जिलों में धान की आवक और खरीद की स्थिति भी अलग है।

कुरुक्षेत्र में करीब 35 हजार मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जिसमें लगभग 17 हजार मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। यमुनानगर में 87 हजार मीट्रिक टन की आवक के मुकाबले करीब 38,400 मीट्रिक टन खरीद हुई है। पानीपत में लगभग 25 हजार मीट्रिक टन धान मंडियों में आया और करीब 24,700 मीट्रिक टन की खरीद दर्ज की गई।

अंबाला में करीब 40 हजार मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जबकि लगभग 30 हजार मीट्रिक टन की खरीद की गई है। कैथल में धान की आवक करीब साढ़े तीन लाख मीट्रिक टन बताई गई है, जबकि लगभग 38 हजार मीट्रिक टन की खरीद हुई है।

अंबाला में पुलिस निगरानी, लाडवा पहुंचे कृषि मंत्री

अंबाला जिले की अनाज मंडियों में पुलिस निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन की ओर से मंडियों में व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निगरानी रखी जा रही है। दूसरी ओर, यमुनानगर में मंगलवार को हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यहां धान के उठान की रफ्तार धीमी होने से किसानों के भुगतान में भी देरी की बात सामने आई है।

करनाल की नई अनाज मंडी में भी खरीद में देरी को लेकर किसानों ने शिकायत की। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद करीब एक सप्ताह से मंडी में इंतजार कर रहे किसानों की धान खरीद शुरू कराई गई और नमी की जांच भी की गई।

इसी बीच कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा बुधवार दोपहर कुरुक्षेत्र की लाडवा मंडी पहुंचे। उन्होंने खरीद प्रक्रिया और किसानों की स्थिति का जायजा लिया। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीद में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता किसानों की फसल की समय पर खरीद और उठान सुनिश्चित करना है।

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